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Showing posts from February, 2026

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (2026) – CBSE के नए निर्देश

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 कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (2026) – CBSE के नए निर्देश Central Board of Secondary Education द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान की बोर्ड परीक्षा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बदलाव घोषित किए गए हैं। इन परिवर्तनों को स्पष्ट करने के लिए हाल ही में आयोजित वेबिनार में परीक्षा प्रक्रिया, सेक्शन-वार उत्तर लेखन तथा मानचित्र कार्य (Map Work) से जुड़े आवश्यक निर्देश विस्तार से समझाए गए। सभी विद्यार्थियों के लिए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। Social Science – Section Wise विभाजन सामाजिक विज्ञान का प्रश्नपत्र 4 सेक्शन में विभाजित होगा — Section A – History (इतिहास) Section B – Geography (भूगोल) Section C – Political Science (राजनीति विज्ञान) Section D – Economics (अर्थशास्त्र) Section-Wise उत्तर लिखने के नियम प्रत्येक सेक्शन के उत्तर अलग-अलग लिखें। एक सेक्शन के उत्तर दूसरे सेक्शन में न लिखें। उत्तर पुस्तिका में स्पष्ट रूप से “Section A”, “Section B” आदि लिखकर ही उत्तर प्रारंभ करें। सभी सेक्शन के उत्तर अलग-अलग लिखें, उन्हें आपस में न मिलाएँ (Don’t mix sections). यद...

CBSE OSM वेबिनार 2026 : शिक्षको के लिए मूल्यांकन के नियम और निर्देश

CBSE द्वारा कक्षा 12 (2026) की उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच अब On-Screen Marking (OSM) प्रणाली से की जाएगी। इस प्रक्रिया को समझाने के लिए 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को वेबिनार आयोजित किया गया, जिसमें भारत और विदेशों के सभी CBSE संबद्ध विद्यालयों के वरिष्ठ शिक्षकों को शामिल होना अनिवार्य था। नीचे पूरी प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया है — 1️⃣ स्टेप-वाइज मार्किंग क्या है? CBSE हर उत्तर को Marking Scheme के अनुसार छोटे-छोटे “Value Points” में बाँटकर जाँचता है। कैसे अंक दिए जाएंगे? यदि अंतिम उत्तर गलत है लेकिन बीच के स्टेप (फॉर्मूला, गणना आदि) सही हैं, तो उन स्टेप्स के अंक मिलेंगे। हर सही पॉइंट पर ✔ (टिक) लगाया जाता है। हर गलत पॉइंट पर ✖ (क्रॉस) लगाया जाता है। उदाहरण: 3 अंकों के प्रश्न में 3 अलग-अलग पॉइंट हैं। छात्र ने 2 सही लिखे → उसे 2/3 अंक मिलेंगे। ध्यान रखें: यदि मार्किंग स्कीम में “½ अंक फॉर्मूला के लिए” लिखा है और छात्र ने सही फॉर्मूला लिखा है, तो अंक देना अनिवार्य है। 2️⃣ ओवर-अटेम्प्टेड (Over-Attempted / OA) प्रश्न यदि छात्र ने निर्धारित संख्या से अधिक प्रश्न हल कर दिए: सभी प्रश्नों ...

एग्ज़ाम फोबिया की पहचान कैसे करें ? और प्रभावी समाधान

सीबीएसई के द्वारा संचालित होने वाली कक्षा 10 और 12  के साथ अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं भी जल्द ही शुरू होने जा रही  है। ऐसे में हर वर्ष की भांति छात्रों के मन मे परीक्षाओं का बुखार चढ़ जाता है जिसे आम तौर पर एग्ज़ाम फोबिया भी कहा जा सकता है। छात्रों के भीतर कई तरह के संदेह उत्पन्न होने लगते है। जैसे कि अगर उन्हे किसी प्रश्न का जवाब नहीं आया, या फिर अगर उनके नंबर कम आए तो क्या होगा। कई बार उन्हे सपने भी ऐसे ही आते है। जब इस तरह कि मानसिक स्थिति बन जाती है उसे आम तौर पर एग्ज़ाम फोबिया कहा जाता है। लेकिन वास्तविकता मे ऐसा कुछ भी नहीं होता।  अक्सर कई बार यह भी देखा जाता है कि छात्रों की तैयारी पूरी होने के बावजूद भी कई तरह कि अनावश्यक विचार या डर उसके मन मे पनपने लगते है। जिसका प्रभाव छात्रों के आत्मविश्वास मे पड़ता है और वह अपनी काबिलियत/योग्यता  के अनुसार प्रदर्शन करने मे नाकाम हो जाते  है।  लेकिन ऐसा होता क्यों है?   :- छात्रों के भीतर ऐसी स्थिति उस समय उत्पन्न होती है।  जब वह भविष्य कि बारे मे अधिक सोचने लगता है   अभिभावकों और समाज का दबाव और ...

CBSE कक्षा 12वीं नया OSM (On-Screen Marking) मार्किंग स्कीम

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 OSM क्या है? OSM का पूरा नाम है — On-Screen Marking। इसका मतलब यह है कि अब सीबीएसई कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन (Copy Checking) डिजिटल तरीके से होगा। कॉपियों को पहले स्कैन किया जाएगा और फिर कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखेगा, जहां शिक्षक इसे देखकर मार्क करेंगे। यह 2026 के बोर्ड से लागू हो रहा है। अब कागज़ की कॉपियाँ हाथ में लेकर नहीं चेक की जाएँगी — सभी मूल्यांकन डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगा। यह बदलाव क्यों किया गया? (उद्देश्य) CBSE ने OSM क्यों शुरू किया — इसके मुख्य कारण हैं: ✅ ज़्यादा तेज़ और सही मूल्यांकन: डिजिटल सिस्टम में कॉपी की हर पेज़ आसान रूप से जांची जा सकती है, जिससे गलतियाँ कम होंगी। ✅ गलतियाँ कम होंगी: कंप्यूटर वाले सिस्टम से totalling errors (जैसे जोड़-घटाव में गलतियाँ) कम होंगी। ✅ कहां से भी मार्क कर सकते हैं: शिक्षकों को कॉपियाँ अपने स्कूल से ही जांचने का मौका मिलेगा — उन्हें अलग evaluation centre नहीं जाना पड़ेगा। ✅ पारदर्शिता में सुधार: स्कैन कॉपी होने पर हर स्टेप पर रिकॉर्ड रहेगा और बाद में कोई संशय कम होगा। ✅ समय और लागत बचत: कॉपियों को ढोने-ले ...