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Class 9 Social Science Chapter 1 Worksheet with Answers | NCERT 2026–27 | MCQs, Fill Ups, True/False, Case Study & Long Answer Questions

 Class 9 Social Science Worksheet Chapter 1: Understanding Social Science https://pin.it/4JrTYewdm (NCERT 2026–27) Section A – Multiple Choice Questions (1 × 15 = 15 Marks) 1. Social Science is mainly the systematic study of A. Plants B. Human society C. Animals D. Machines 2. Which discipline studies the relationship between people and their environment? A. Economics B. History C. Geography D. Political Science 3. Which of the following is NOT a discipline of Social Science? A. Geography B. Economics C. Chemistry D. Political Science 4. The idea of Vasudhaiva Kutumbakam means A. Nature is supreme B. The World is One Family C. Earth has five elements D. Unity in villages 5. GIS stands for A. Geographical Information System B. Global Information Study C. Government Information Survey D. Geographical Internet Service 6. Which historical source includes coins? A. Literary B. Archaeological C. Numismatic D. Epigraphic 7. Panchayati Raj promotes A. Foreign trade B. Local self-governmen...

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (2026) – CBSE के नए निर्देश

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 कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान (2026) – CBSE के नए निर्देश Central Board of Secondary Education द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान की बोर्ड परीक्षा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बदलाव घोषित किए गए हैं। इन परिवर्तनों को स्पष्ट करने के लिए हाल ही में आयोजित वेबिनार में परीक्षा प्रक्रिया, सेक्शन-वार उत्तर लेखन तथा मानचित्र कार्य (Map Work) से जुड़े आवश्यक निर्देश विस्तार से समझाए गए। सभी विद्यार्थियों के लिए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। Social Science – Section Wise विभाजन सामाजिक विज्ञान का प्रश्नपत्र 4 सेक्शन में विभाजित होगा — Section A – History (इतिहास) Section B – Geography (भूगोल) Section C – Political Science (राजनीति विज्ञान) Section D – Economics (अर्थशास्त्र) Section-Wise उत्तर लिखने के नियम प्रत्येक सेक्शन के उत्तर अलग-अलग लिखें। एक सेक्शन के उत्तर दूसरे सेक्शन में न लिखें। उत्तर पुस्तिका में स्पष्ट रूप से “Section A”, “Section B” आदि लिखकर ही उत्तर प्रारंभ करें। सभी सेक्शन के उत्तर अलग-अलग लिखें, उन्हें आपस में न मिलाएँ (Don’t mix sections). यद...

CBSE OSM वेबिनार 2026 : शिक्षको के लिए मूल्यांकन के नियम और निर्देश

CBSE द्वारा कक्षा 12 (2026) की उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच अब On-Screen Marking (OSM) प्रणाली से की जाएगी। इस प्रक्रिया को समझाने के लिए 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को वेबिनार आयोजित किया गया, जिसमें भारत और विदेशों के सभी CBSE संबद्ध विद्यालयों के वरिष्ठ शिक्षकों को शामिल होना अनिवार्य था। नीचे पूरी प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया है — 1️⃣ स्टेप-वाइज मार्किंग क्या है? CBSE हर उत्तर को Marking Scheme के अनुसार छोटे-छोटे “Value Points” में बाँटकर जाँचता है। कैसे अंक दिए जाएंगे? यदि अंतिम उत्तर गलत है लेकिन बीच के स्टेप (फॉर्मूला, गणना आदि) सही हैं, तो उन स्टेप्स के अंक मिलेंगे। हर सही पॉइंट पर ✔ (टिक) लगाया जाता है। हर गलत पॉइंट पर ✖ (क्रॉस) लगाया जाता है। उदाहरण: 3 अंकों के प्रश्न में 3 अलग-अलग पॉइंट हैं। छात्र ने 2 सही लिखे → उसे 2/3 अंक मिलेंगे। ध्यान रखें: यदि मार्किंग स्कीम में “½ अंक फॉर्मूला के लिए” लिखा है और छात्र ने सही फॉर्मूला लिखा है, तो अंक देना अनिवार्य है। 2️⃣ ओवर-अटेम्प्टेड (Over-Attempted / OA) प्रश्न यदि छात्र ने निर्धारित संख्या से अधिक प्रश्न हल कर दिए: सभी प्रश्नों ...

CBSE कक्षा 12वीं नया OSM (On-Screen Marking) मार्किंग स्कीम

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 OSM क्या है? OSM का पूरा नाम है — On-Screen Marking। इसका मतलब यह है कि अब सीबीएसई कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन (Copy Checking) डिजिटल तरीके से होगा। कॉपियों को पहले स्कैन किया जाएगा और फिर कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखेगा, जहां शिक्षक इसे देखकर मार्क करेंगे। यह 2026 के बोर्ड से लागू हो रहा है। अब कागज़ की कॉपियाँ हाथ में लेकर नहीं चेक की जाएँगी — सभी मूल्यांकन डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगा। यह बदलाव क्यों किया गया? (उद्देश्य) CBSE ने OSM क्यों शुरू किया — इसके मुख्य कारण हैं: ✅ ज़्यादा तेज़ और सही मूल्यांकन: डिजिटल सिस्टम में कॉपी की हर पेज़ आसान रूप से जांची जा सकती है, जिससे गलतियाँ कम होंगी। ✅ गलतियाँ कम होंगी: कंप्यूटर वाले सिस्टम से totalling errors (जैसे जोड़-घटाव में गलतियाँ) कम होंगी। ✅ कहां से भी मार्क कर सकते हैं: शिक्षकों को कॉपियाँ अपने स्कूल से ही जांचने का मौका मिलेगा — उन्हें अलग evaluation centre नहीं जाना पड़ेगा। ✅ पारदर्शिता में सुधार: स्कैन कॉपी होने पर हर स्टेप पर रिकॉर्ड रहेगा और बाद में कोई संशय कम होगा। ✅ समय और लागत बचत: कॉपियों को ढोने-ले ...

रेड पेन से ग्रीन पेन तक: मूल्यांकन की बदलती सोच पर एक विमर्श

रेड पेन से ग्रीन पेन तक: मूल्यांकन की बदलती सोच पर एक विमर्श भूमिका: एक परिचित दृश्य और एक अनकहा प्रभाव भारतीय शिक्षा व्यवस्था में वर्षों तक एक दृश्य बेहद सामान्य रहा है—छात्र की उत्तरपुस्तिका, उस पर लाल स्याही के मोटे निशान, जगह-जगह कटे हुए उत्तर और हाशिये पर लिखी गई टिप्पणियाँ। यह केवल कॉपी जाँचने की प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि शिक्षा की एक गहरी जमी हुई मानसिकता थी। रेड पेन यहाँ सिर्फ एक रंग नहीं था, बल्कि सत्ता, अनुशासन और निर्णय का प्रतीक था। आज जब सीबीएसई रेड पेन के प्रयोग से दूरी बनाने की बात करता है, तो स्वाभाविक रूप से कई सवाल उठते हैं- क्या केवल पेन का रंग बदल देने से कुछ बदल जाएगा? जब मूल्यांकन की प्रक्रिया वही है, तो रेड पेन पर आपत्ति क्यों? इन सवालों के उत्तर रंग में नहीं, बल्कि सोच के बदलाव में छिपे हैं। पहले की शिक्षा व्यवस्था: डर आधारित अनुशासन कुछ दशक पहले तक शिक्षा व्यवस्था का मूल ढाँचा बिल्कुल स्पष्ट था। शिक्षक को “अंतिम सत्य” माना जाता था और छात्र का काम था उस सत्य को बिना प्रश्न स्वीकार करना। गलती करना कमजोरी समझी जाती थी और मूल्यांकन का उद्देश्य सीख को सुधारना नहीं, ब...

CBSE की नई परीक्षा नीति क्या है? (कक्षा 10) CBSE ने निर्णय लिया है कि 2026 से कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होगी।

 CBSE की नई परीक्षा नीति क्या है? (कक्षा 10) CBSE ने निर्णय लिया है कि 2026 से कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होगी। 1️⃣ पहली परीक्षा (मुख्य परीक्षा) अनिवार्य (Compulsory) सभी छात्रों को इसमें बैठना होगा आमतौर पर फरवरी–मार्च में होगी पूरे सिलेबस पर आधारित होगी 2️⃣ दूसरी परीक्षा (वैकल्पिक / सुधार परीक्षा) वैकल्पिक (Optional) आमतौर पर मई–जून में होगी इसका उद्देश्य है: अंक सुधार (Improvement) कम्पार्टमेंट विशेष परिस्थितियाँ  दोनों परीक्षाओं में से बेहतर अंक को अंतिम परिणाम माना जाएगा। दूसरी परीक्षा में कौन बैठ सकता है? ✔ 1. अंक सुधार (Improvement) के लिए जो छात्र पहली परीक्षा में पास हो चुके हैं लेकिन अपने अंक बढ़ाना चाहते हैं ऐसे छात्र अधिकतम 3 मुख्य विषयों (Maths, Science, SST, Languages) में दूसरी परीक्षा दे सकते हैं ✔ 2. कम्पार्टमेंट वाले छात्र जो छात्र पहली परीक्षा में 1 या 2 विषयों में फेल हो गए हों वे उन्हीं विषयों में दूसरी परीक्षा (Compartment) दे सकते हैं ✔ 3. विशेष परिस्थितियों वाले छात्र खेल प्रतियोगिता के कारण पहली परीक्षा छूट गई हो विंटर-बाउंड स्कूल (जैसे प...