"एक समाज, अनेक बँटवारे"

  "एक समाज, अनेक बँटवारे" साधारण से दिखने वाले  समाज को चंद लोगों ने बांट दिया,अलग धड़ों मे सर्वप्रथम बंटवारा था  स्त्री और पुरुष ...