सीबीएसई के द्वारा संचालित होने वाली कक्षा 10 और 12 के साथ अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं भी जल्द ही शुरू होने जा रही है। ऐसे में हर वर्ष की भांति छात्रों के मन मे परीक्षाओं का बुखार चढ़ जाता है जिसे आम तौर पर एग्ज़ाम फोबिया भी कहा जा सकता है। छात्रों के भीतर कई तरह के संदेह उत्पन्न होने लगते है। जैसे कि अगर उन्हे किसी प्रश्न का जवाब नहीं आया, या फिर अगर उनके नंबर कम आए तो क्या होगा। कई बार उन्हे सपने भी ऐसे ही आते है। जब इस तरह कि मानसिक स्थिति बन जाती है उसे आम तौर पर एग्ज़ाम फोबिया कहा जाता है। लेकिन वास्तविकता मे ऐसा कुछ भी नहीं होता। अक्सर कई बार यह भी देखा जाता है कि छात्रों की तैयारी पूरी होने के बावजूद भी कई तरह कि अनावश्यक विचार या डर उसके मन मे पनपने लगते है। जिसका प्रभाव छात्रों के आत्मविश्वास मे पड़ता है और वह अपनी काबिलियत/योग्यता के अनुसार प्रदर्शन करने मे नाकाम हो जाते है। लेकिन ऐसा होता क्यों है? :- छात्रों के भीतर ऐसी स्थिति उस समय उत्पन्न होती है। जब वह भविष्य कि बारे मे अधिक सोचने लगता है अभिभावकों और समाज का दबाव और ...