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एनसीईआरटी को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा: भारतीय शिक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) अब तक देश में स्कूली शिक्षा की रीढ़ मानी जाती रही है। पाठ्यक्रम निर्माण, शैक्षिक अनुसंधान, शिक्षकों के प्रशिक्षण और कक्षा 1 से 12 तक की गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से एनसीईआरटी ने दशकों से भारतीय शिक्षा को दिशा दी है। अब भारत सरकार द्वारा एनसीईआरटी को डीम्ड विश्वविद्यालय (Deemed to be University) का दर्जा दिया जाना शिक्षा व्यवस्था में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
एनसीईआरटी की भूमिका में ऐतिहासिक विस्तार
डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद एनसीईआरटी अब केवल पाठ्यपुस्तकें तैयार करने वाली संस्था नहीं रहेगी, बल्कि यह उच्च शिक्षा और पेशेवर पाठ्यक्रमों के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेगी। इससे पहले जो पाठ्यक्रम देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों तक सीमित थे, अब उन्हें एनसीईआरटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के शैक्षिक निकाय द्वारा संचालित किया जा सकेगा।
नए पाठ्यक्रमों की संभावनाएँ
निष्कर्ष
एनसीईआरटी को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था के भविष्य में निवेश है। यह कदम शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को एक ही मंच पर लाकर भारत को वैश्विक शैक्षिक मानचित्र पर और सशक्त बनाएगा। निश्चित ही, आने वाले वर्षों में इसका प्रभाव देश की कक्षाओं से लेकर नीति-निर्माण तक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
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