Wednesday, January 21, 2026

कहानी :- चींटी की समझदारी की यात्रा

कहानी :- चींटी की समझदारी की यात्रा


चींटी अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके दो बच्चे थे, जो रोज़ स्कूल जाते थे।

एक दिन बच्चों ने मासूमियत से पूछा,

“पापा, हम रोज़ स्कूल क्यों जाते हैं? क्या यही ज़िंदगी है? रोज़ वही पढ़ाई, वही डाँट… अब तो कुछ नया बचा ही नहीं।”


लगातार पढ़ाई के दबाव और बड़ों की उम्मीदों से चींटी बहुत परेशान रहने लगी। उसे लगने लगा कि ज़िंदगी बस बोझ बन गई है और इससे छुटकारा पाने का कोई रास्ता नहीं है। इन्हीं उलझनों के बीच एक दिन वह गहरी सोच में डूब गई।


उसी रात चींटी ने एक अजीब-सा सपना देखा।


सपने में उसे लगा कि वह अपने पुराने शहर से बहुत दूर, एक बिल्कुल नए शहर में पहुँच गई है। वहाँ सब कुछ अलग था—नई जगह, नए नियम, नए लोग। शुरू-शुरू में उसे यह नया शहर बहुत अच्छा लगा। कोई स्कूल नहीं, कोई डाँट नहीं, कोई पढ़ाई नहीं। उसे लगा कि यही तो वह आज़ादी है जिसकी उसे तलाश थी।


लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतने लगे, हालात बदलने लगे।

नए शहर के लोग उससे सवाल करने लगे—

“तुम कौन हो? कहाँ से आई हो? यहाँ क्यों हो?”


अब उसे वहाँ तरह-तरह के काम भी करने पड़ते थे। आज़ादी अब जिम्मेदारियों में बदलने लगी। धीरे-धीरे उसे एहसास होने लगा कि यह जगह उतनी आसान नहीं है, जितनी शुरुआत में लगी थी।


एक दिन उस शहर में घूमने आई एक चींटी को देखकर चींटी चौंक गई।

वह उसकी पुरानी दोस्त थी!


पहले तो उसे यकीन ही नहीं हुआ। फिर हिम्मत करके उसने पूछा,

“तुम वही हो न, जो मेरे पुराने शहर में रहती हो?”


दोस्त ने मुस्कुराकर कहा,

“हाँ, मैं वही हूँ। मैं तो यहाँ घूमने आई हूँ।”


चींटी हैरान रह गई।

“घूमने? मुझे तो लगा था कि यहाँ सिर्फ वही आते हैं जो अपनी ज़िंदगी से हार मान लेते हैं।”


दोस्त ने शांत स्वर में कहा,

“नहीं चींटी, ज़िंदगी से भागना समाधान नहीं होता। हर जगह अपनी चुनौतियाँ होती हैं। फर्क बस इतना है कि हम उन्हें समझदारी से स्वीकार करते हैं या डरकर छोड़ देते हैं।”


तभी चींटी को एहसास हुआ कि वह गलत सोच रही थी।

उसे याद आया कि उसके बच्चे, उसका परिवार, और वह शहर—सब उसके अपने थे। वहाँ मुश्किलें थीं, लेकिन साथ भी था।


दोस्त ने कहा,

“चलो, अब लौटते हैं। जब समझ आ जाए, तब रास्ता हमेशा खुला होता है।”


चींटी की आँख खुल गई।

वह सपना था, लेकिन संदेश बिल्कुल साफ।


उस दिन के बाद चींटी ने बच्चों से बात की, उनकी परेशानी समझी और खुद भी समझा कि

ज़िंदगी से भागना नहीं, उसे समझकर जीना ही असली साहस है।

Wednesday, January 14, 2026

स्कूल में परामर्श और मार्गदर्शन की जरूरत क्यों है?

स्कूल में परामर्श और मार्गदर्शन की जरूरत क्यों है?


अक्सर यह मान लिया जाता है कि जैसे-जैसे बच्चा उम्र के साथ शारीरिक रूप से बढ़ता है, वैसे-वैसे उसका मानसिक विकास भी अपने-आप पूरा हो जाता है। लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग होती है।

बच्चा बाहर से भले ही बड़ा दिखने लगे, लेकिन उसके भीतर एक लगातार संघर्ष चल रहा होता है।


जैसे-जैसे वह बड़ा होता है, उसके मन में प्रश्न, डर, असमंजस और भावनाएँ भी गहराने लगती हैं। वह इस दुविधा में रहता है कि अपने मन की बात किससे कहे, कौन उसकी बात बिना डाँटे, बिना तुलना किए, बिना जज किए समझेगा। दुर्भाग्यवश, ऐसे समय में समाज और कई बार माता-पिता भी उस पर अपनी अपेक्षाएँ थोपने लगते हैं — अच्छे अंक लाओ, प्रतियोगिता में आगे रहो, हमारी उम्मीदों पर खरे उतरो।


यहाँ सबसे बड़ी भूल यह होती है कि हम यह समझ ही नहीं पाते कि शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास होना अनिवार्य नहीं है। कई बच्चे मानसिक रूप से उतने मजबूत नहीं होते, जितना उनसे अपेक्षित कर लिया जाता है। परिणामस्वरूप वे चुप हो जाते हैं, भीतर-ही-भीतर घुटने लगते हैं या फिर उनका व्यवहार चिड़चिड़ा और आक्रामक हो जाता है।


ऐसी स्थिति में बच्चे को सबसे अधिक आवश्यकता होती है उस व्यक्ति की, जो उसकी भावनाओं को समझ सके, जो उसकी बात ध्यान से सुने और उसे यह एहसास दिलाए कि उसकी समस्या महत्वपूर्ण है। यही भूमिका परामर्श निभाता है।


स्कूल की भूमिका यहाँ अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि:


बच्चा अपना अधिकांश समय स्कूल में बिताता है

कई बार वह घर की तुलना में स्कूल में अधिक सुरक्षित महसूस करता है

शिक्षक समस्या देख तो लेते हैं, लेकिन हर समस्या का समाधान कर पाना उनके लिए संभव नहीं होता


ऐसे में स्कूल में प्रशिक्षित परामर्शदाता होना आवश्यक हो जाता है, जो बच्चे की मानसिक स्थिति को समझ सके और समय रहते उसकी मदद कर सके।


मार्गदर्शन और परामर्श मिलकर क्या करते हैं?


मार्गदर्शन बच्चे को सही दिशा दिखाता है — पढ़ाई, विषय चयन और भविष्य के विकल्पों में

परामर्श बच्चे के मन के बोझ को हल्का करता है — डर, तनाव, दबाव और असमंजस को समझकर

दोनों मिलकर बच्चे को यह सिखाते हैं कि

वह अकेला नहीं है, उसकी बात सुनी जाएगी और उसकी समस्या का समाधान संभव है।


निष्कर्ष 


आज के समय में स्कूल केवल ज्ञान देने का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की जिम्मेदारी निभाने वाला स्थान भी होना चाहिए।

अगर हम चाहते हैं कि बच्चे केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ, संतुलित और आत्मविश्वासी बनें, तो स्कूल में परामर्श और मार्गदर्शन की व्यवस्था अनिवार्य है।


बच्चे को सबसे ज्यादा ज़रूरत उस व्यक्ति की होती है,

जो उसकी बात सुने नहीं, बल्कि उसे समझे।

परामर्श और मार्गदर्शन: भ्रम, अंतर और वास्तविकता

 परामर्श और मार्गदर्शन: भ्रम, अंतर और वास्तविकता


आज हमारे समाज में परामर्श (Counselling) और मार्गदर्शन (Guidance) शब्दों का प्रयोग बहुत आम हो गया है। लेकिन अक्सर लोग इन दोनों को एक ही अर्थ में इस्तेमाल कर लेते हैं। कोई शिक्षक अगर किसी छात्र की बात सुन ले, उसे समझा दे या कोई सुझाव दे दे, तो उसे भी परामर्श कह दिया जाता है। यहीं से भ्रांति शुरू होती है।

वास्तव में परामर्श और मार्गदर्शन एक जैसे नहीं हैं, बल्कि एक ही सिक्के के दो अलग-अलग पहलू हैं।

मार्गदर्शन क्या है?

मार्गदर्शन का अर्थ है — रास्ता दिखाना।

जब किसी व्यक्ति को यह समझ नहीं आता कि उसे क्या करना चाहिए, किस दिशा में जाना चाहिए, तब कोई अनुभवी व्यक्ति अपने ज्ञान और अनुभव के आधार पर उसे दिशा देता है, यही मार्गदर्शन है।

उदाहरण:

  • छात्र को विषय चुनने में मदद करना
  • करियर के विकल्प समझाना
  • पढ़ाई की रणनीति बताना
  • जीवन से जुड़े सामान्य निर्णयों पर सलाह देना

मार्गदर्शन सूचना और सुझाव पर आधारित होता है। इसमें समस्या की गहराई में जाने की बजाय समाधान का रास्ता बताया जाता है।


परामर्श क्या है?

परामर्श इससे थोड़ा अलग और गहरा विषय है।

परामर्श का अर्थ है — व्यक्ति की समस्या को समझना, उसकी भावनाओं को जानना और उसे स्वयं समाधान तक पहुँचने में मदद करना।


उदाहरण:

  • छात्र का तनाव, डर, आत्मविश्वास की कमी
  • अवसाद, गुस्सा, भ्रम, असमंजस
  • पारिवारिक या व्यक्तिगत मानसिक समस्याएँ

परामर्श में सिर्फ सलाह नहीं दी जाती, बल्कि सुनना, समझना और सही तरीके से बातचीत करना सबसे महत्वपूर्ण होता है।

शिक्षक से बात करना: परामर्श या मार्गदर्शन?

अगर कोई छात्र स्कूल में किसी अध्यापक के पास जाकर अपनी समस्या बताता है और अध्यापक उसे समझाकर कोई समाधान सुझा देता है, तो अधिकतर मामलों में वह मार्गदर्शन होता है, न कि पूर्ण परामर्श।


यदि शिक्षक विषय, पढ़ाई या सामान्य जीवन की सलाह दे रहा है → मार्गदर्शन

यदि शिक्षक छात्र की मानसिक स्थिति, भावनात्मक परेशानी को गहराई से समझकर विशेष तरीके से बातचीत करता है → तब यह परामर्श की ओर बढ़ता है


परामर्श और मार्गदर्शन में मुख्य अंतर

बिंदु मार्गदर्शन परामर्श

उद्देश्य रास्ता दिखाना समस्या की जड़ समझना

प्रकृति सामान्य सलाह गहन और संवेदनशील

प्रक्रिया सरल बातचीत वैज्ञानिक व व्यवस्थित

देने वाला शिक्षक, अभिभावक, वरिष्ठ प्रशिक्षित परामर्शदाता

समय कम अपेक्षाकृत अधिक


क्या परामर्श हर कोई दे सकता है?

नहीं।

परामर्श एक संवेदनशील प्रक्रिया है। इसमें व्यक्ति के मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति से जुड़ा काम होता है। गलत परामर्श नुकसान भी पहुँचा सकता है।


परामर्श देने के लिए जरूरी है:


मनोविज्ञान की समझ

  • विशेष प्रशिक्षण
  • गोपनीयता बनाए रखने की क्षमता
  • धैर्य और सहानुभूति
  • परामर्श की प्रक्रिया क्या है?
  • परामर्श कोई साधारण बातचीत नहीं होती। इसकी एक प्रक्रिया होती है:
  • समस्या को ध्यान से सुनना
  • व्यक्ति पर विश्वास बनाना
  • उसकी भावनाओं को समझना
  • समस्या की जड़ तक पहुँचना
  • समाधान खोजने में सहायता करना

इसमें परामर्शदाता समाधान थोपता नहीं, बल्कि व्यक्ति को स्वयं सही निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।


कौन परामर्श दे सकता है?

  • प्रशिक्षित काउंसलर
  • मनोवैज्ञानिक
  • स्कूल/कॉलेज के प्रोफेशनल काउंसलर
  • मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ

शिक्षक और अभिभावक मार्गदर्शन दे सकते हैं और जरूरत पड़ने पर सही परामर्शदाता तक पहुँचने में मदद कर सकते हैं।


निष्कर्ष

परामर्श और मार्गदर्शन दोनों ही जीवन में अत्यंत आवश्यक हैं, लेकिन दोनों को एक जैसा समझना गलत है।

जहाँ मार्गदर्शन दिशा देता है, वहीं परामर्श मन को संभालता है।

आज के बदलते समय में हमें यह समझना होगा कि हर समस्या सिर्फ सलाह से हल नहीं होती, कभी-कभी सही परामर्श जीवन को नई दिशा दे सकता है।


शारीरिक स्वास्थ्य जितना जरूरी है, मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है।

Thursday, January 8, 2026

काउंसलिंग: मानसिक स्वास्थ्य की ओर एक ज़रूरी कदम

 काउंसलिंग: मानसिक स्वास्थ्य की ओर एक ज़रूरी कदम


काउंसलिंग शब्द से हम सभी भली-भांति परिचित हैं, लेकिन इसके वास्तविक अर्थ और इसके सकारात्मक प्रभावों को आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग ठीक से नहीं समझ पाया है। अधिकतर लोगों की धारणा है कि काउंसलिंग केवल मानसिक रूप से कमजोर या “पागल” लोगों के लिए होती है, या फिर दो लोगों के बीच होने वाली सामान्य बातचीत को ही काउंसलिंग मान लिया जाता है। भारतीय समाज की यह सोच न केवल अधूरी है, बल्कि कई बार नुकसानदायक भी साबित होती है।


आज के समय की सच्चाई यह है कि समाज और जीवनशैली में आए तेज़ बदलावों ने हमारे सोचने, महसूस करने और जीने के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। बाहर से हम भले ही शारीरिक रूप से मजबूत दिखते हों, लेकिन अंदर से मानसिक रूप से उतने ही कमजोर होते जा रहे हैं। काम का दबाव, प्रतिस्पर्धा, रिश्तों में तनाव, अकेलापन, भविष्य की चिंता और सामाजिक अपेक्षाएँ—ये सभी धीरे-धीरे हमारे मन पर बोझ बन जाती हैं।


लोग काउंसलिंग लेने से क्यों डरते हैं?


सबसे बड़ा कारण है समाज का डर। कई लोगों को लगता है कि अगर उन्होंने काउंसलिंग ली तो समाज उन्हें “पागल” या “कमज़ोर” का टैग लगा देगा। यही डर उन्हें अपनी मानसिक परेशानी को छुपाने पर मजबूर कर देता है। परिणामस्वरूप, वे भीतर ही भीतर टूटते रहते हैं और कभी-कभी अपनी ज़िंदगी को ऐसे नर्क की ओर धकेल देते हैं, जिसका परिणाम बहुत घातक भी हो सकता है।


काउंसलिंग क्या है?


काउंसलिंग कोई साधारण बातचीत नहीं होती। यह एक वैज्ञानिक और पेशेवर प्रक्रिया है, जिसमें प्रशिक्षित काउंसलर व्यक्ति की बातों को बिना जज किए सुनता है, उसकी भावनाओं को समझता है और उसे सही दिशा में सोचने, निर्णय लेने व समस्याओं से निपटने में मदद करता है।


हमें काउंसलिंग क्यों लेनी चाहिए?

  • मानसिक तनाव और चिंता को समझने व कम करने के लिए
  • अपने विचारों और भावनाओं को स्पष्ट करने के लिए
  • जीवन के कठिन फैसलों में सही मार्गदर्शन पाने के लिए
  • रिश्तों में आ रही समस्याओं को सुलझाने के लिए
  • आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाने के लिए

काउंसलिंग कब लेनी चाहिए?

  • जब तनाव या उदासी लंबे समय तक बनी रहे
  • जब नींद, भूख या व्यवहार में लगातार बदलाव दिखे
  • जब गुस्सा, डर या निराशा पर नियंत्रण न रहे
  • जब जीवन में आगे बढ़ने की दिशा समझ न आए

काउंसलिंग की ज़रूरत किसे है?

सच्चाई यह है कि काउंसलिंग की ज़रूरत हर उस व्यक्ति को हो सकती है जो इंसान है। यह केवल बीमार या कमजोर लोगों के लिए नहीं, बल्कि छात्रों, कामकाजी लोगों, माता-पिता, दंपतियों और बुज़ुर्गों—सभी के लिए उपयोगी है।

  • काउंसलिंग के सकारात्मक परिणाम
  • मानसिक शांति और संतुलन
  • समस्याओं से निपटने की बेहतर क्षमता
  • रिश्तों में सुधार
  • आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच
  • जीवन की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार

निष्कर्ष

समाज के डर से मानसिक पीड़ा को सहते रहना कोई समझदारी नहीं है। जैसे हम शारीरिक बीमारी में डॉक्टर के पास जाते हैं, वैसे ही मानसिक परेशानी में काउंसलर के पास जाना भी उतना ही सामान्य और ज़रूरी होना चाहिए। काउंसलिंग कमजोरी नहीं, बल्कि अपने जीवन को बेहतर बनाने की एक साहसी और समझदार पहल है।

अब समय आ गया है कि हम इस टैबू को तोड़ें और मानसिक स्वास्थ्य को भी उतनी ही गंभीरता दें, जितनी हम शारीरिक स्वास्थ्य को देते हैं।

Wednesday, January 7, 2026

एनसीईआरटी(NCERT) को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा: भारतीय शिक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम

 एनसीईआरटी को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा: भारतीय शिक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम


राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) अब तक देश में स्कूली शिक्षा की रीढ़ मानी जाती रही है। पाठ्यक्रम निर्माण, शैक्षिक अनुसंधान, शिक्षकों के प्रशिक्षण और कक्षा 1 से 12 तक की गुणवत्तापूर्ण पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से एनसीईआरटी ने दशकों से भारतीय शिक्षा को दिशा दी है। अब भारत सरकार द्वारा एनसीईआरटी को डीम्ड विश्वविद्यालय (Deemed to be University) का दर्जा दिया जाना शिक्षा व्यवस्था में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।


एनसीईआरटी की भूमिका में ऐतिहासिक विस्तार

डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद एनसीईआरटी अब केवल पाठ्यपुस्तकें तैयार करने वाली संस्था नहीं रहेगी, बल्कि यह उच्च शिक्षा और पेशेवर पाठ्यक्रमों के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेगी। इससे पहले जो पाठ्यक्रम देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों तक सीमित थे, अब उन्हें एनसीईआरटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के शैक्षिक निकाय द्वारा संचालित किया जा सकेगा।


नए पाठ्यक्रमों की संभावनाएँ

  • इस नए दर्जे के साथ एनसीईआरटी अब:
  • शिक्षक शिक्षा (Teacher Education) में डिग्री और डिप्लोमा कोर्स
  • शिक्षा में शोध आधारित स्नातकोत्तर कार्यक्रम
  • पाठ्यक्रम विकास, मूल्यांकन, शैक्षिक तकनीक और डिजिटल शिक्षा से जुड़े कोर्स
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप बहुविषयक (Multidisciplinary) कार्यक्रम
  • शुरू कर सकेगी। इससे शिक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक, शोध-आधारित और नीति-संगत मानव संसाधन तैयार होगा।
  • शिक्षा की गुणवत्ता और एकरूपता को मजबूती
  • एनसीईआरटी का मूल उद्देश्य पूरे देश में शिक्षा के स्तर को समान और गुणवत्तापूर्ण बनाना रहा है। डीम्ड विश्वविद्यालय बनने से यह उद्देश्य और मजबूत होगा क्योंकि:
  • शिक्षक और शिक्षाविद सीधे उसी संस्था से प्रशिक्षित होंगे जो पाठ्यक्रम बनाती है
  • सिद्धांत और व्यवहार के बीच की खाई कम होगी
  • शिक्षा सुधार से जुड़े निर्णय अधिक शोध-आधारित और ज़मीनी हकीकत से जुड़े होंगे
  • छात्रों और शिक्षकों के लिए लाभ
  • यह निर्णय विशेष रूप से उन छात्रों और शिक्षकों के लिए लाभकारी है जो:
  • शिक्षा को करियर के रूप में अपनाना चाहते हैं
  • शैक्षिक शोध और नीति निर्माण में योगदान देना चाहते हैं
  • विश्वसनीय, राष्ट्रीय स्तर की संस्था से डिग्री प्राप्त करना चाहते हैं
  • साथ ही, इससे निजी संस्थानों पर निर्भरता भी कम होगी और शिक्षा अधिक सुलभ व किफायती बन सकेगी।

निष्कर्ष

एनसीईआरटी को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था के भविष्य में निवेश है। यह कदम शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को एक ही मंच पर लाकर भारत को वैश्विक शैक्षिक मानचित्र पर और सशक्त बनाएगा। निश्चित ही, आने वाले वर्षों में इसका प्रभाव देश की कक्षाओं से लेकर नीति-निर्माण तक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

कहानी:- मैं अरावली हूँ…

 मैं अरावली हूँ…


मैं भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक हूँ।

आप मुझे अरावली के नाम से जानते हैं।


मेरा जन्म तब हुआ था,

जब हिमालय ने अभी आँखें भी नहीं खोली थीं,

जब धरती जवान थी और मनुष्य का नामोनिशान तक नहीं था।


मैं दिल्ली से गुजरात तक फैली हूँ—

हरियाणा और राजस्थान मेरे आँगन हैं।

मेरी गोद में बसे गाँव,

मेरी छाया में पले लोग,

मेरी चट्टानों में छिपा जीवन—

सब मेरा परिवार हैं।


मैं ही हूँ जिसने थार मरुस्थल को रोक रखा है।

सोचो…

अगर मैं न होती तो क्या होता?


रेत की आँधियाँ दिल्ली तक पहुँच जातीं,

खेती की ज़मीन कब्रिस्तान बन जाती,

और जीवन… बस स्मृति बनकर रह जाता।


मेरे जंगलों से

वृक्ष जन्म लेते हैं,

मेरी चट्टानों से

नदियाँ निकलती हैं—

लूनी, बनास, साबरमती

मेरी धमनियाँ हैं।


मेरी मिट्टी में

बीज सिर्फ उगते नहीं,

जीवन पनपता है।


लेकिन आज…

मेरा अस्तित्व दाँव पर है।


मैंने कभी शिकायत नहीं की…


कुछ पूँजीपतियों ने

समय-समय पर

मेरा दोहन किया,

मुझे खोदा,

मुझे तोड़ा।


मैं चुप रही।


मेरे सीने पर

मशीनें चलीं,

मेरी हड्डियाँ

खनिज बनकर बिकती रहीं।


मैं फिर भी चुप रही।


मुझे गुस्सा नहीं है,

न किसी से बैर।


लेकिन मुझे डर है।


डर उन

बेबस पशु-पक्षियों का,

जिनका घर मेरी दरारों में है।


डर उन

दूर-दराज़ के गाँवों का,

जिनकी हर बूँद पानी

मुझसे होकर जाती है।


डर उन

बच्चों का,

जिनका भविष्य

मेरे अस्तित्व से जुड़ा है।


जब मुझे टुकड़ों में बाँट दिया गया…


सुना है—

100 मीटर से कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों

को अरावली मानने से

इन्कार कर दिया गया है।


पर क्यों?


क्या मेरी पहचान

सिर्फ ऊँचाई से होती है?


क्या कोई माँ

अपने छोटे बच्चे को

परिवार से निकाल देती है?


वो पहाड़ियाँ भी

मेरे शरीर का हिस्सा हैं।

मेरी नसें हैं।

मेरी साँसें हैं।


पर कुछ तथाकथित विद्वानों ने कहा—

“ये अरावली नहीं हैं।”


नहीं…

वो विद्वान नहीं थे।


वो उद्योगपति थे।


जिन्होंने

अपने स्वार्थ के लिए

नक्शे बदले,

परिभाषाएँ बदलीं,

और प्रकृति को

कानूनी भाषा में

कमज़ोर कर दिया।


जब न्याय भी मौन हो गया…


आप पूछते हैं—

सरकार कुछ क्यों नहीं करती?


क्योंकि यह निर्णय

न्यायालय से आया है।


जिसे आप

न्याय की मूर्ति कहते हैं।


लेकिन जब

कानून

प्रकृति से बड़ा हो जाए,

तो समझो—

कुछ बहुत गलत हो रहा है।


आज

भगवान की बनाई रचना

को

इंसानों के फैसले

गलत ठहरा रहे हैं।


GSM का टूटता संतुलन


मैं सिर्फ पहाड़ नहीं हूँ।


मैं हूँ—


G – Groundwater (भूजल)


S – Soil (मिट्टी)


M – Mountain (पर्वत)


जब मुझे काटा जाता है,

तो भूजल नीचे चला जाता है।


जब मेरी मिट्टी उड़ती है,

तो खेती मर जाती है।


जब मैं टूटती हूँ,

तो पूरा पारिस्थितिक तंत्र

बिखर जाता है।


GSM का संतुलन

जब टूटता है,

तो सिर्फ जंगल नहीं मरते—

सभ्यताएँ मरती हैं।


मैं शिकायत नहीं कर रही…


मैं आपसे

लड़ने को नहीं कह रही।


मैं बस पूछ रही हूँ—


जब मैं नहीं रहूँगी,

तो आप कहाँ रहेंगे?


जब नदियाँ सूख जाएँगी,

तो विकास किस पर खड़ा होगा?


जब धरती बंजर होगी,

तो मुनाफ़ा किस काम आएगा?


मैं अरावली हूँ…


शायद आने वाली पीढ़ियाँ

मुझे किताबों में पढ़ें—


“कभी एक पर्वत श्रृंखला थी…”


काश,

उस ‘कभी’ से पहले

आप मुझे

आज बचा लें।

माता-पिता, गुरु और देवता: दोहरी मानसिकता का सच

 माता-पिता, गुरु और देवता: दोहरी मानसिकता का सच


माता, पिता, गुरु और देवता—ये चारों शब्द हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारतीय संस्कृति में माता-पिता को गुरु और देवता से भी ऊपर प्रथम स्थान दिया गया है। इसका कारण स्पष्ट है—जीवन में सही और गलत का पहला ज्ञान हमें माता-पिता से ही मिलता है। बच्चे का पहला विद्यालय उसका घर होता है और माता-पिता उसके प्रथम गुरु। घर-परिवार ही वह स्थान है जहाँ एक बालक के नैतिक संस्कारों की नींव रखी जाती है और उसे समाज का एक उपयोगी नागरिक बनने की दिशा दी जाती है।


इसके बाद जीवन में गुरु का स्थान आता है, जो उस नींव पर ज्ञान, अनुशासन और विवेक का निर्माण करता है। अर्थात बालक के व्यक्तित्व निर्माण में माता-पिता और गुरु दोनों की संयुक्त भूमिका होती है।


वर्तमान समय की विडंबना


आज के समय में एक अजीब विरोधाभास देखने को मिलता है। एक ओर माता-पिता यह दावा करते हैं कि वे अपने बच्चों की परवरिश अच्छे से कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यही माता-पिता यह कहते हुए भी नहीं हिचकिचाते कि आज का युवा बिगड़ रहा है या गलत रास्ते पर जा रहा है। यह स्थिति माता-पिता की दोहरी मानसिकता को उजागर करती है।


यदि हम सचमुच अपने बच्चों की परवरिश सही ढंग से कर रहे हैं, तो फिर युवा पीढ़ी के भटकने का दोष केवल बच्चों पर क्यों? इसका सीधा अर्थ यही निकलता है कि या तो हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाने में असफल हो रहे हैं, या फिर हम स्वयं उस मार्ग पर नहीं चल रहे, जिस पर अपने बच्चों को चलने की सीख दे रहे हैं।


पहले और अब का अंतर


यदि हम कुछ दशक पीछे जाएँ, तो पाएँगे कि उस समय परिवार और बच्चे जीवन के केंद्र में हुआ करते थे। घर के अन्य सदस्य—दादा-दादी, चाचा-चाची—भी बच्चों के संस्कार निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते थे। उस दौर में भौतिक सुख-सुविधाओं और धन की दौड़ उतनी प्रभावशाली नहीं थी। जीवन सरल था और संबंधों में अपनापन अधिक।


इसके विपरीत आज का समय भौतिकवाद से घिरा हुआ है। माता-पिता बच्चों के नैतिक विकास और उन्हें अच्छा नागरिक बनाने की बात तो करते हैं, लेकिन स्वयं धन, पद और भौतिक सुखों की दौड़ में पूरी तरह उलझे रहते हैं। आज पैसा जीवन की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है और बच्चे कई बार दूसरी प्राथमिकता। यही कारण है कि पालन-पोषण केवल नाम मात्र का रह गया है।


माता-पिता की वास्तविक जिम्मेदारी


यह कहना गलत होगा कि आज के माता-पिता जानबूझकर अपने बच्चों को गलत रास्ते पर ले जाना चाहते हैं। लेकिन यह भी उतना ही सत्य है कि वे भौतिक संसार में इतने व्यस्त हो चुके हैं कि बच्चों के साथ समय बिताना, उनसे संवाद करना और उन्हें व्यवहारिक एवं नैतिक शिक्षा देना सीमित होता जा रहा है।


बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने माता-पिता को करते हुए देखते हैं। यदि माता-पिता स्वयं ईमानदारी, संयम, संवेदना और जिम्मेदारी का पालन नहीं करेंगे, तो केवल उपदेश देकर बच्चों को सही मार्ग पर नहीं लाया जा सकता।


निष्कर्ष


जब तक हम अपनी दोहरी मानसिकता से ऊपर नहीं उठते और अपनी मूलभूत जिम्मेदारी को नहीं समझते, तब तक हम बच्चों का सर्वांगीण विकास नहीं कर सकते। माता-पिता को यह स्वीकार करना होगा कि बच्चों के चरित्र और भविष्य का प्रतिबिंब उनके अपने आचरण में दिखाई देता है।


सही अर्थों में अच्छी परवरिश वही है, जिसमें माता-पिता स्वयं आदर्श बनें। जब विचार, व्यवहार और शिक्षा—तीनों में एकरूपता होगी, तभी हम एक ऐसे समाज की कल्पना कर सकते हैं, जहाँ युवा सही दिशा में आगे बढ़े और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाए।

Monday, January 5, 2026

राजा और कर्म रूपी पौधे (बाल कथा)

 राजा और कर्म रूपी पौधे 

(बाल कथा)


एक बार की बात है। एक राज्य में एक बुद्धिमान राजा राज करता था। राजा अपने राज्य को बहुत प्रेम करता था, लेकिन उसके मन में एक प्रश्न हमेशा रहता था—

“क्या मेरे राज्य के लोग सच में अच्छे हैं, या केवल अच्छा बनने का नाटक करते हैं?”


इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए राजा ने एक दिन अपने दरबार में एक बड़ी सभा बुलाई।

सभा में राजा ने घोषणा की—


“आज मैं अपने राज्य के हर व्यक्ति को एक-एक पौधा भेंट करूँगा।”


सभी लोग बहुत खुश हुए।

राजा ने हर व्यक्ति को एक छोटा सा पौधा दिया, लेकिन यह नहीं बताया कि यह कर्म रूपी पौधा है, जो मनुष्य के कर्मों से बढ़ता है।


लोग इस रहस्य से पूरी तरह अनजान थे।


राजा के आदेश के बाद लोग अपने-अपने घर चले गए और पौधों की देखभाल में लग गए।

कोई रोज़ खाद डालता, कोई बार-बार पानी देता, कोई धूप-छाँव का ध्यान रखता।


लेकिन आश्चर्य की बात यह थी कि—


किसी का पौधा कुछ ही दिनों में सूखकर टहनी बन गया


किसी का पौधा थोड़ा बढ़ा और फिर रुक गया


और कुछ लोगों के पौधे बढ़ते-घटते रहते


लोग आपस में हैरान थे।

“हम तो इतना ध्यान रख रहे हैं, फिर भी पौधा क्यों नहीं बढ़ रहा?”


कुछ समय बाद एक दिन राजा भेष बदलकर अपने राज्य की सैर पर निकले।

जो दृश्य उन्होंने देखा, वह चौंकाने वाला था।


राजा ने देखा कि—

अधिकतर लोगों के पौधे नष्ट हो चुके थे।

कुछ के पौधे बस मध्यम आकार तक ही सीमित रह गए थे।


यह देखकर राजा और भी गंभीर हो गए।


क्योंकि जो लोग सबसे अधिक अच्छा बनने का दिखावा करते थे—

जो हर समय दूसरों को उपदेश देते थे—

उन्हीं के पौधे सबसे अधिक सूखे हुए थे।


और जो लोग शांत रहते थे,

निस्वार्थ मदद करते थे,

सच बोलते थे और किसी से जलते नहीं थे—

उनके पौधे हरे-भरे थे और कुछ तो छोटे-छोटे पेड़ बन चुके थे।


अगले दिन राजा ने फिर से दरबार की सभा बुलाई।


राजा बोले—


“अब मैं तुम्हें इस पौधे का सत्य बताता हूँ।

यह कोई साधारण पौधा नहीं, बल्कि कर्म रूपी पौधा है।

यह खाद और पानी से नहीं, बल्कि तुम्हारे अच्छे और बुरे कर्मों से बढ़ता है।”


राजा ने आगे कहा—


“जो केवल दिखावा करता है, उसका पौधा सूख जाता है।

और जो सच्चे दिल से अच्छा कर्म करता है, उसका पौधा अपने आप बढ़ता है।”


यह सुनकर सभी लोगों को अपनी गलती का एहसास हुआ।

उन्होंने समझ लिया कि सच्चाई को छुपाया नहीं जा सकता।


उस दिन के बाद राज्य के लोग दिखावा छोड़कर सच में अच्छे कर्म करने लगे।

धीरे-धीरे उनके कर्म रूपी पौधे फिर से हरे-भरे होने लगे।


राजा संतुष्ट थे, क्योंकि अब उनका राज्य केवल देखने में नहीं,

वास्तव में अच्छा बन चुका था।

Sunday, January 4, 2026

कर्म का जादुई पौधा

 कर्म का जादुई पौधा 

बहुत समय पहले की बात है। धरती पर जब मनुष्यों का जन्म हुआ, तो ईश्वर ने हर बच्चे और बड़े को एक-एक जादुई पौधा दिया।

यह पौधा बहुत अनोखा था।

इसमें न खाद डालनी पड़ती थी और न पानी देना पड़ता था।

लेकिन एक बात कोई नहीं जानता था—

यह पौधा कर्मों से बढ़ता था।

जो बच्चा सच बोलता, मदद करता और अच्छा काम करता, उसका पौधा धीरे-धीरे बड़ा होने लगता।

और जो झगड़ा करता, झूठ बोलता और दूसरों से जलता, उसका पौधा छोटा ही रह जाता।

लोग एक-दूसरे से पूछते—

“तुम्हारा पौधा इतना हरा-भरा कैसे है?”

“कौन-सी खाद डालते हो?”

कुछ लोग दिखावा करने लगे।

वे सबके सामने अच्छे बनते, मंदिर भी जाते, लेकिन मन में जलन और स्वार्थ रखते।

उनका पौधा धीरे-धीरे सूखने लगा।

वहीं कुछ बच्चे ऐसे भी थे, जो चुपचाप अच्छे काम करते थे।

वे किसी को बताते नहीं थे।

वे सच बोलते, बड़ों का सम्मान करते और जरूरतमंदों की मदद करते।

उनका पौधा रोज़ बड़ा होता गया और एक सुंदर पेड़ बन गया।

एक दिन लोग बहुत सोच में पड़ गए।

“हम तो बहुत कोशिश करते हैं, फिर भी हमारा पौधा सूख गया।

और वे बच्चे बिना कुछ किए इतना बड़ा पेड़ कैसे बना रहे हैं?”

उसी रात ईश्वर उनके सपने में आए।

लोगों ने पूछा—

“भगवान जी, ऐसा क्यों?”

ईश्वर मुस्कुराए और बोले—

“बच्चो, यह कर्म का पौधा है।

यह दिखावे से नहीं, अच्छे कामों से बढ़ता है।

सच, प्यार और मदद इसका पानी हैं।

और झूठ, जलन और स्वार्थ इसे सुखा देते हैं।”


यह सुनकर सभी बच्चों को समझ आ गया।

अगले दिन से उन्होंने अच्छे कर्म करने शुरू कर दिए।


धीरे-धीरे उनके पौधे भी फिर से हरे-भरे हो गए।


सीख

अच्छे कर्म ही हमारी सच्ची पहचान हैं।

दिखावे से नहीं, सच्चे दिल से किए गए काम ही फल देते हैं।

Wednesday, December 31, 2025

“डायल करें और जानें — आपका फोन सुरक्षित है या नहीं?”

“डायल करें और जानें — आपका फोन सुरक्षित है या नहीं?”

आज मोबाइल फोन का हैंग होना एक सामान्य तकनीकी समस्या लगती है, लेकिन कई बार यही समस्या साइबर ठगी, डेटा चोरी और फोन पर अनधिकृत नियंत्रण का संकेत भी हो सकती है।

कई मामलों में फोन हमारे हाथ में होता है, लेकिन उसे नियंत्रित कोई और (अजनबी) कर रहा होता है—जो शारीरिक रूप से हमारे सामने नहीं होता, पर हमारे बैंक, सोशल मीडिया और निजी जानकारी तक पहुँच बना चुका होता है।

ऐसी स्थिति में यह जानना आवश्यक हो जाता है कि हम किसी साइबर स्कैम का शिकार तो नहीं हो रहे हैं।



 फोन से ही कैसे पहचानें संभावित साइबर ठगी?

बहुत कम लोग जानते हैं कि मोबाइल फोन में मौजूद USSD कोड से हम यह जाँच सकते हैं कि कहीं हमारी कॉल, मैसेज या डेटा किसी और नंबर पर डायवर्ट तो नहीं हो रहा।

📲 महत्वपूर्ण सुरक्षा जाँच कोड

🔹 *#21#

➡ यह कोड बताता है कि आपकी

कॉल

SMS

डेटा

किसी अन्य नंबर पर फॉरवर्ड तो नहीं हो रहे।

यदि यहाँ कोई अज्ञात नंबर दिखाई दे, तो यह साइबर ठगी का संकेत हो सकता है।


🔹 ##002#

➡ फोन में चालू सभी प्रकार की कॉल-फॉरवर्डिंग तुरंत बंद कर देता है।

✔️ यह सबसे सुरक्षित और उपयोगी कोड है।


🔹 *#62#


➡ जब फोन बंद या नेटवर्क से बाहर हो, तब कॉल किस नंबर पर जाती है—यह दिखाता है।


🔹 *#67#


➡ फोन बिज़ी होने पर कॉल कहाँ फॉरवर्ड हो रही है—यह जाँचता है।


🔹 *#61#


➡ कॉल न उठाने की स्थिति में कॉल किस नंबर पर जाती है—यह जानकारी देता है।


🔹 *#06#


➡ फोन का IMEI नंबर

✔️ चोरी, क्लोनिंग या फर्जी फोन की पहचान में सहायक।


🔹 *#*#4636#*#* (Android)


➡ नेटवर्क, बैटरी और फोन स्टेटस की विस्तृत जानकारी।


🚨 फोन में साइबर ठगी के सामान्य संकेत


⚠️ फोन अचानक बहुत स्लो या हैंग होना

⚠️ बिना अनुमति ऐप इंस्टॉल हो जाना

⚠️ OTP अपने-आप कट जाना

⚠️ बैटरी असामान्य रूप से जल्दी खत्म होना

⚠️ कॉल के दौरान अजीब आवाज़ या रुकावट


भारतीय सरकार की पहल: I4C

🔷 I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre)


➡ गृह मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित

➡ उद्देश्य:


साइबर अपराध की रोकथाम

राज्यों व एजेंसियों में समन्वय

आम नागरिकों को जागरूक करना


🌐 साइबर अपराध रिपोर्ट करने की सुविधा


🔗 cybercrime.gov.in

📞 हेल्पलाइन: 1930

➡ बैंक, UPI, OTP, सोशल मीडिया और ऑनलाइन ठगी की शिकायत के लिए


📢 सरकारी साइबर जागरूकता अभियान

🔸 Cyber Safe India

🔸 Stay Safe Online

🔸 स्कूल-कॉलेज साइबर अवेयरनेस प्रोग्राम

🔸 RBI और गृह मंत्रालय के SMS अलर्ट

⚠️ प्रमुख साइबर ठगी के प्रकार


🔴 OTP / KYC फ्रॉड

🔴 UPI / QR कोड स्कैम

🔴 फर्जी कस्टमर-केयर कॉल

🔴 सोशल मीडिया फ्रॉड

🔴 ऑनलाइन शॉपिंग ठगी

🔴 लोन ऐप फ्रॉड

🔴 SIM Swap फ्रॉड


🛡️ बचाव के प्रभावी उपाय


✅ OTP, PIN, CVV किसी को न दें

✅ अनजान लिंक या ऐप पर क्लिक न करें

✅ रिमोट एक्सेस ऐप (AnyDesk आदि) हटाएँ

✅ Play Store से ही ऐप डाउनलोड करें

✅ शक होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें




निष्कर्ष

आज साइबर अपराध एक डिजिटल आपदा बन चुका है।

*#21# जैसे कोड हमें समस्या पहचानने का साधन देते हैं,

लेकिन असली सुरक्षा है—


जागरूकता + सतर्कता + समय पर कार्रवाई

शिक्षक के जीवन का चक्र

 शिक्षक के जीवन का चक्र


शिक्षक का जीवन एक ऐसे मार्ग की तरह होता है जो स्वयं अपनी जगह स्थिर रहता है, लेकिन अपने छात्रों को उनके गंतव्य तक पहुँचा देता है। उसका जीवन चक्र लगभग जीवन भर एक-सा चलता रहता है—निरंतर, शांत और समर्पित।


हर दिन वह भी एक छात्र की तरह अपना झोला उठाकर विद्यालय जाता है। वहाँ बच्चों को पढ़ाता है, उन्हें दिशा देता है और दिन के अंत में उनसे कुछ न कुछ सीखकर ही लौटता है। क्योंकि शिक्षण केवल सिखाने का नहीं, बल्कि सीखते रहने का भी व्यवसाय है। जो शिक्षक सीखना छोड़ देता है, वह अपने पेशे में अधिक समय तक टिक नहीं सकता।


शिक्षक और छात्र का संबंध रेलवे की दो पटरियों जैसा है—दोनों साथ-साथ चलते हैं। यदि एक भी पटरी कमजोर हो जाए, तो पूरी गाड़ी पटरी से उतर सकती है। इसी तरह शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक, छात्र, अभिभावक और समाज—सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े होते हैं।


जब कोई छात्र असफल होता है, तो उस असफलता की जिम्मेदारी अक्सर एक-दूसरे पर डाल दी जाती है। कई बार अभिभावक अपने बच्चे की असफलता के लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं, जबकि उन्हें पूरे छात्र समुदाय की चिंता नहीं होती—सिर्फ अपने बच्चे की होती है।


लेकिन शिक्षक ही एक ऐसा व्यक्ति है जो हर छात्र को समान रूप से अपनी जिम्मेदारी मानता है। एक भी बच्चे की असफलता उसे भीतर तक खटकती है। वह स्वयं से प्रश्न करता है—शायद मैं उसे ठीक से समझ नहीं पाया, शायद कहीं मेरी ही कमी रह गई।


विडंबना यह है कि छात्र की असफलता का दोष तो अक्सर शिक्षक को दे दिया जाता है, लेकिन उसकी सफलता का श्रेय शिक्षक को जीवन भर नहीं मिल पाता। वह सम्मान का अधिकारी होते हुए भी समाज, अभिभावकों और व्यवस्था से तिरस्कार ही पाता है।


आज के समय में, जब शिक्षण को कुछ लोग केवल “चुटकी बजाने” जितना आसान समझने लगे हैं, तब शिक्षक का संघर्ष और अधिक गहरा हो गया है। फिर भी वह बिना शिकायत किए, निस्वार्थ भाव से, पीढ़ियों को गढ़ने का कार्य करता रहता है।


शायद यही शिक्षक की सबसे बड़ी पहचान है—

खुद पीछे रहकर, दूसरों को आगे बढ़ाना।

Sunday, December 28, 2025

अरावली पर्वत श्रृंखला : इतिहास, जीवन, पर्यावरण और वर्तमान चुनौतियाँ

 अरावली पर्वत श्रृंखला : इतिहास, जीवन, पर्यावरण और वर्तमान चुनौतियाँ

अरावली पर्वत श्रृंखला का इतिहास

अरावली पर्वत श्रृंखला भारत की सबसे प्राचीन पर्वत प्रणालियों में से एक मानी जाती है। भूवैज्ञानिकों के अनुसार इसकी उत्पत्ति लगभग 250 से 300 करोड़ वर्ष पहले हुई थी, जब पृथ्वी की सतह अभी अपने प्रारंभिक विकास के चरण में थी। यह पर्वतमाला गुजरात से शुरू होकर राजस्थान और हरियाणा होते हुए दिल्ली तक फैली हुई है। प्राचीन काल में अरावली पर्वत न केवल एक प्राकृतिक अवरोध के रूप में कार्य करता था, बल्कि उत्तर भारत की जलवायु, वर्षा व्यवस्था और नदियों के प्रवाह को भी नियंत्रित करता था। इतिहास में यह क्षेत्र अनेक सभ्यताओं, जनजातियों और राजवंशों का आश्रय रहा है। अरावली के आसपास बसे क्षेत्र प्राचीन व्यापार मार्गों, सांस्कृतिक संपर्कों और युद्धों के साक्षी रहे हैं।


अरावली पर लोगों की निर्भरता

अरावली पर्वत श्रृंखला पर और इसके आसपास रहने वाले लोगों का जीवन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़ा हुआ है। ग्रामीण समुदायों की आजीविका खेती, पशुपालन, वनोपज संग्रह और पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर रही है। अरावली की पहाड़ियों में मौजूद जंगल ईंधन, चारा, औषधीय पौधे और छोटी लकड़ी प्रदान करते हैं। यहाँ की चट्टानें वर्षा जल को रोककर धीरे-धीरे भूजल में परिवर्तित करती हैं, जिससे कुएँ, बावड़ियाँ और हैंडपंप लंबे समय तक जलयुक्त रहते हैं। शहरों में रहने वाले लोग भी अरावली से मिलने वाली स्वच्छ हवा, भूजल पुनर्भरण और तापमान संतुलन का लाभ उठाते हैं, भले ही उन्हें इसका प्रत्यक्ष एहसास न हो।


पर्यावरण के लिए अरावली का महत्व

अरावली पर्वत श्रृंखला उत्तर-पश्चिम भारत के पर्यावरणीय संतुलन की रीढ़ मानी जाती है। यह मरुस्थलीकरण को रोकने में एक प्राकृतिक दीवार की तरह कार्य करती है और थार मरुस्थल को पूर्व की ओर फैलने से रोकती है। अरावली के जंगल जैव विविधता का भंडार हैं, जहाँ अनेक पक्षी, पशु, सरीसृप और वनस्पतियाँ पाई जाती हैं। यह पर्वतमाला दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक प्राकृतिक ‘ग्रीन लंग’ की तरह काम करती है, जो वायु प्रदूषण को कम करने में सहायक है। इसके अतिरिक्त, अरावली मानसून के दौरान वर्षा जल को रोककर बाढ़ और मृदा अपरदन को नियंत्रित करती है।


सरकार द्वारा अरावली क्षेत्र में कटान और खनन के कारण

सरकार द्वारा अरावली क्षेत्र में पहाड़ियों की कटाई या खनन की अनुमति दिए जाने के पीछे मुख्य तर्क विकास, आधारभूत ढांचे की आवश्यकता और खनिज संसाधनों का उपयोग बताया जाता है। सरकार का कहना है कि कई स्थानों पर अरावली की ऊँचाई 100 मीटर से कम है, इसलिए उन्हें कानूनी रूप से ‘पर्वत’ की श्रेणी में नहीं माना जाता। इसके आधार पर निर्माण कार्य, सड़कें, रियल एस्टेट परियोजनाएँ और खनन गतिविधियाँ वैध ठहराई जाती हैं। इसके अलावा, शहरीकरण, आवासीय जरूरतों और रोजगार सृजन को भी एक प्रमुख कारण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।


अरावली के कटान से स्थानीय लोगों को होने वाला नुकसान

अरावली की पहाड़ियों के कटने से सबसे अधिक प्रभाव स्थानीय ग्रामीण और आदिवासी समुदायों पर पड़ता है। जल स्रोत सूखने लगते हैं, जिससे खेती और पशुपालन संकट में आ जाते हैं। जंगलों के नष्ट होने से ईंधन, चारा और पारंपरिक आजीविका के साधन समाप्त हो जाते हैं। भूमि का कटाव बढ़ता है, जिससे खेत बंजर होने लगते हैं और लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ता है। सामाजिक असंतुलन और आर्थिक असुरक्षा भी इसी प्रक्रिया का परिणाम होती है।


पर्यावरण और पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभाव

हालाँकि अरावली की अधिकांश पहाड़ियाँ 100 मीटर से कम ऊँची हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उनका पर्यावरणीय महत्व कम है। ये छोटी-छोटी पहाड़ियाँ मिलकर एक विशाल पारिस्थितिक तंत्र बनाती हैं। इनके नष्ट होने से भूजल स्तर तेजी से गिरता है, तापमान बढ़ता है और वायु प्रदूषण में वृद्धि होती है। लंबे समय में यह जलवायु परिवर्तन की प्रक्रिया को और तेज कर सकता है। अरावली के कमजोर होने से थार मरुस्थल का विस्तार हो सकता है, जिसका प्रभाव केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की जलवायु पर पड़ेगा।


अरावली को बचाने के लिए लोगों के प्रयास

अरावली को बचाने के लिए पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों, स्थानीय समुदायों और कुछ जागरूक नागरिकों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कई जन आंदोलन अवैध खनन और जंगलों की कटाई के खिलाफ खड़े हुए हैं। न्यायालयों में जनहित याचिकाएँ दायर की गई हैं, जिनके परिणामस्वरूप कुछ क्षेत्रों में खनन पर रोक भी लगी है। वृक्षारोपण अभियान, जनजागरूकता कार्यक्रम और पारंपरिक जल संरचनाओं के पुनर्जीवन जैसे प्रयास भी किए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक मंचों पर अरावली के महत्व को लेकर चर्चा बढ़ रही है, जो भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।


निष्कर्ष

अरावली पर्वत श्रृंखला केवल चट्टानों और पहाड़ियों का समूह नहीं है, बल्कि यह उत्तर भारत के जीवन, संस्कृति और पर्यावरण की आधारशिला है। अल्पकालिक विकास और आर्थिक लाभ के लिए इसके दीर्घकालिक महत्व को नजरअंदाज करना पृथ्वी और मानव समाज दोनों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। आवश्यकता इस बात की है कि विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जाए, ताकि अरावली आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जीवनदायिनी बनी रहे।

NCERT - Class - 6 Chapter – 3 Landforms and Life Useful for TET, CTET, State TETs, DSSSB, KVS, NVS & other Govt Exams - Group - C & D हरियाणा CET | Group C & D

NCERT - Class - 6 Chapter – 3  Landforms and Life

 Useful for TET, CTET, State TETs, DSSSB, KVS, NVS & other Govt Exams - Group - C & D

हरियाणा CET | Group C & D

Q1. पृथ्वी की सतह पर पाए जाने वाले प्राकृतिक आकार क्या कहलाते हैं?

A. स्थलरूप

B. पर्यावरण

C. मौसम

D. पारिस्थितिकी

✅ उत्तर: A

Q2. स्थलरूपों का निर्माण मुख्य रूप से होता है—

A. कुछ वर्षों में

B. हजारों वर्षों में

C. लाखों वर्षों में

D. करोड़ों वर्षों में

✅ उत्तर: D

Q3. स्थलरूपों की तीन प्रमुख श्रेणियाँ हैं—

A. पर्वत, मरुस्थल, वन

B. पर्वत, पठार, मैदान

C. मैदान, नदी, झील

D. द्वीप, समुद्र, पर्वत

✅ उत्तर: B

Q4. पर्वतों की पहचान किससे होती है?

A. चौड़ा शीर्ष

B. समतल ढाल

C. तीव्र ढाल और संकीर्ण शिखर

D. रेतीली मिट्टी

✅ उत्तर: C

Q5. अधिक ऊँचाई वाले पर्वतों पर सामान्यतः क्या पाया जाता है?

A. वर्षा

B. वन

C. स्थायी बर्फ

D. घास

✅ उत्तर: C

Q6. पर्वतों से निकलने वाली नदियाँ जल प्रदान करती हैं—

A. मैदानों को

B. पठारों को

C. मरुस्थलों को

D. महासागरों को

✅ उत्तर: A

Q7. पर्वतों में रहने वाले लोग मुख्यतः कौन-सी फसल उगाते हैं?

A. चावल

B. गन्ना

C. जौ और सेब

D. कपास

✅ उत्तर: C

Q8. ऊँचाई (Altitude) का अर्थ है—

A. समुद्र की गहराई

B. समुद्र तल से ऊँचाई

C. भूमि की चौड़ाई

D. पर्वत की ढाल

✅ उत्तर: B

Q9. पर्वतों के समूह को क्या कहते हैं?

A. घाटी

B. पठार

C. पर्वत श्रेणी

D. मैदान

✅ उत्तर: C

Q10. हिमालय पर्वत स्थित है—

A. अफ्रीका में

B. यूरोप में

C. एशिया में

D. ऑस्ट्रेलिया में

✅ उत्तर: C

Q11. विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट स्थित है—

A. भारत में

B. नेपाल और चीन में

C. पाकिस्तान में

D. भूटान में

✅ उत्तर: B

Q12. कंचनजंघा चोटी स्थित है—

A. असम

B. सिक्किम और नेपाल

C. अरुणाचल प्रदेश

D. उत्तराखंड

✅ उत्तर: B

Q13. दक्षिण भारत का सबसे ऊँचा पर्वत कौन-सा है?

A. नीलगिरि

B. अनामुडी

C. डोडाबेट्टा

D. महेंद्रगिरि

✅ उत्तर: B

Q14. युवा पर्वतों की विशेषता है—

A. गोल शिखर

B. कम ऊँचाई

C. नुकीले और ऊँचे शिखर

D. रेतीली मिट्टी

✅ उत्तर: C

Q15. हिमालय किस प्रकार के पर्वत हैं?

A. पुराने

B. ज्वालामुखीय

C. युवा

D. अवशिष्ट

✅ उत्तर: C

Q16. अरावली पर्वतमाला की विशेषता है—

A. बहुत ऊँची

B. नुकीली

C. पुरानी और घिसी हुई

D. बर्फ से ढकी

✅ उत्तर: C

Q17. पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले वनों को क्या कहते हैं?

A. उष्णकटिबंधीय वन

B. मानसूनी वन

C. पर्वतीय वन

D. शुष्क वन

✅ उत्तर: C

Q18. काई (Moss) क्या है?

A. एक वृक्ष

B. बिना फूल का छोटा पौधा

C. झाड़ी

D. घास

✅ उत्तर: B

Q19. लाइकेन सामान्यतः कहाँ उगते हैं?

A. रेगिस्तान में

B. खेतों में

C. चट्टानों और दीवारों पर

D. नदियों में

✅ उत्तर: C

Q20. घाटी (Valley) क्या होती है?

A. ऊँचा क्षेत्र

B. पहाड़ों के बीच निचला क्षेत्र

C. पठार का भाग

D. मरुस्थल

✅ उत्तर: B

Q21. पठार क्या होते हैं?

A. बहुत गहरे क्षेत्र

B. समतल ऊँचे क्षेत्र

C. रेतीले क्षेत्र

D. दलदली भूमि

✅ उत्तर: B

Q22. विश्व का सबसे बड़ा और ऊँचा पठार है—

A. दक्कन पठार

B. तिब्बती पठार

C. छोटा नागपुर पठार

D. अफ्रीकी पठार

✅ उत्तर: B

Q23. पठारों को खनिजों का भंडार क्यों कहा जाता है?

A. उपजाऊ मिट्टी के कारण

B. जल की अधिकता के कारण

C. खनिजों की प्रचुरता के कारण

D. जनसंख्या के कारण

✅ उत्तर: C

Q24. छोटा नागपुर पठार प्रसिद्ध है—

A. चाय उत्पादन के लिए

B. लौह अयस्क और कोयले के लिए

C. कपास के लिए

D. मसालों के लिए

✅ उत्तर: B

Q25. अफ्रीकी पठार प्रसिद्ध है—

A. तेल के लिए

B. सोना और हीरे के लिए

C. गेहूँ के लिए

D. चावल के लिए

✅ उत्तर: B

Q26. जोग जलप्रपात स्थित है—

A. गंगा नदी पर

B. नर्मदा नदी पर

C. शरावती नदी पर

D. गोदावरी नदी पर

✅ उत्तर: C

Q27. हुंडरू जलप्रपात किस नदी पर है?

A. दामोदर

B. सुवर्णरेखा

C. महानदी

D. ब्रह्मपुत्र

✅ उत्तर: B

Q28. नोहकलिकाई जलप्रपात स्थित है—

A. असम

B. मेघालय

C. त्रिपुरा

D. मिजोरम

✅ उत्तर: B

Q29. मैदान सामान्यतः समुद्र तल से कितनी ऊँचाई तक होते हैं?

A. 100 मीटर

B. 200 मीटर

C. 300 मीटर

D. 500 मीटर

✅ उत्तर: C

Q30. नदियों द्वारा बनाए गए मैदान कहलाते हैं—

A. तटीय मैदान

B. बाढ़ मैदान

C. पठारी मैदान

D. मरुस्थली मैदान

✅ उत्तर: B

Q31. नदियों द्वारा लाए गए कण कहलाते हैं—

A. खनिज

B. अवसाद

C. चट्टान

D. जीवाश्म

✅ उत्तर: B

Q32. बाढ़ मैदान उपजाऊ क्यों होते हैं?

A. वर्षा के कारण

B. अवसादों के कारण

C. तापमान के कारण

D. हवा के कारण

✅ उत्तर: B

Q33. भारत की कितनी जनसंख्या गंगा के मैदान में रहती है?

A. लगभग 10%

B. लगभग 20%

C. लगभग 25%

D. लगभग 50%

✅ उत्तर: C

Q34. मैदानों की प्रमुख आजीविका है—

A. खनन

B. पशुपालन

C. कृषि

D. शिकार

✅ उत्तर: C

Q35. प्रमुख खाद्यान्न फसल नहीं है—

A. गेहूँ

B. चावल

C. मक्का

D. चाय

✅ उत्तर: D

Q36. मरुस्थल की प्रमुख विशेषता है—

A. अधिक वर्षा

B. घना वन

C. कम वर्षा

D. हिमपात

✅ उत्तर: C

Q37. भारत का प्रमुख मरुस्थल है—

A. गोबी

B. सहारा

C. थार

D. कालाहारी

✅ उत्तर: C

Q38. गोबी मरुस्थल किस प्रकार का है?

A. उष्ण मरुस्थल

B. शीत मरुस्थल

C. तटीय मरुस्थल

D. वर्षा वन

✅ उत्तर: B

Q39. अंटार्कटिका को भी मरुस्थल क्यों माना जाता है?

A. बर्फ के कारण

B. वर्षा बहुत कम होने के कारण

C. ठंड के कारण

D. मानव न होने के कारण

✅ उत्तर: B

Q40. पर्वतीय क्षेत्रों में मुख्य आय का स्रोत है—

A. उद्योग

B. पर्यटन

C. मत्स्य पालन

D. खनन

✅ उत्तर: B

Q41. मैदानों में प्रमुख त्योहार नहीं है—

A. दीवाली

B. होली

C. ईद

D. लोसार

✅ उत्तर: D

Q42. दो नदियों के मिलने के स्थान को कहते हैं—

A. उद्गम

B. डेल्टा

C. संगम

D. मुहाना

✅ उत्तर: C

Q43. नदी परिवहन अधिक आसान होता है—

A. पर्वतों में

B. पठारों में

C. मैदानों में

D. मरुस्थलों में

✅ उत्तर: C

Q44. मरुस्थल के लोगों का प्रमुख पशु है—

A. घोड़ा

B. ऊँट

C. गाय

D. भेड़

✅ उत्तर: B

Q45. स्थलरूपों का जीवन पर प्रभाव होता है—

A. नहीं

B. केवल मौसम पर

C. केवल खेती पर

D. हाँ

✅ उत्तर: D

Q46. लचीलापन (Resilience) का अर्थ है—

A. कमजोरी

B. चुनौतियों से निपटने की क्षमता

C. डर

D. आलस्य

✅ उत्तर: B

Q47. मैदानों में सबसे पहले सभ्यताएँ क्यों विकसित हुईं?

A. ठंड के कारण

B. उपजाऊ भूमि के कारण

C. खनिजों के कारण

D. पर्वतों के कारण

✅ उत्तर: B

Q48. पठारों की मिट्टी सामान्यतः कैसी होती है?

A. बहुत उपजाऊ

B. रेतीली

C. पथरीली

D. दलदली

✅ उत्तर: C

Q49. पर्वतों में खेती मुख्यतः होती है—

A. बड़े खेतों में

B. घाटियों में

C. मरुस्थल में

D. पठार पर

✅ उत्तर: B

Q50. स्थलरूपों का अध्ययन किस विषय में किया जाता है?

A. इतिहास

B. भूगोल

C. राजनीति

D. अर्थशास्त्र

✅ उत्तर: B

हरियाणा Group C & D भौतिक विज्ञान महत्वपूर्ण Objective (MCQ) प्रश्न , सरकारी Group C एवं D परीक्षाओं के लिए पूरी तरह परीक्षा-उपयोगी हैं। (HSSC / CET आधारित)

 हरियाणा Group C & D

भौतिक विज्ञान 

महत्वपूर्ण Objective (MCQ) प्रश्न ,  

सरकारी Group C एवं D परीक्षाओं के लिए पूरी तरह परीक्षा-उपयोगी हैं।

(HSSC / CET आधारित)

Q1. आवेग का सूत्र है—

A. बल × दूरी

B. बल × समय

C. द्रव्यमान × वेग

D. ऊर्जा × समय

✅ उत्तर: B

Q2. आवेग किसके बराबर होता है?

A. वेग में परिवर्तन

B. संवेग में परिवर्तन

C. ऊर्जा में परिवर्तन

D. बल में परिवर्तन

✅ उत्तर: B

Q3. आवेग की SI इकाई है—

A. न्यूटन

B. जूल

C. न्यूटन-सेकंड

D. वाट

✅ उत्तर: C

Q4. अधिक समय तक बल लगाने से आवेग—

A. घटता है

B. शून्य हो जाता है

C. बढ़ता है

D. अपरिवर्तित रहता है

✅ उत्तर: C

Q5. क्रिकेट में गेंद को कैच करते समय हाथ पीछे ले जाया जाता है ताकि—

A. बल बढ़े

B. समय बढ़े

C. संवेग बढ़े

D. ऊर्जा बढ़े

✅ उत्तर: B

Q6. वृत्तीय गति में आवश्यक बल कहलाता है—

A. अपकेन्द्रीय

B. गुरुत्वीय

C. अभिकेन्द्रीय

D. घर्षण

✅ उत्तर: C

Q7. अभिकेन्द्रीय बल की दिशा होती है—

A. बाहर की ओर

B. केन्द्र की ओर

C. स्पर्शरेखा के अनुदिश

D. ऊपर की ओर

✅ उत्तर: B

Q8. अभिकेन्द्रीय बल का सूत्र है—

A. mv/r

B. mv²r

C. mv²/r

D. mr/v²

✅ उत्तर: C

Q9. यदि वेग दोगुना कर दिया जाए तो अभिकेन्द्रीय बल—

A. दोगुना

B. चार गुना

C. आधा

D. अपरिवर्तित

✅ उत्तर: B

Q10. उपग्रह का पृथ्वी के चारों ओर घूमना किस कारण है?

A. घर्षण

B. अपकेन्द्रीय बल

C. अभिकेन्द्रीय बल

D. चुम्बकीय बल

✅ उत्तर: C

Q11. अपकेन्द्रीय बल माना जाता है—

A. वास्तविक बल

B. काल्पनिक बल

C. गुरुत्वीय बल

D. विद्युत बल

✅ उत्तर: B

Q12. अपकेन्द्रीय बल किस फ्रेम में दिखाई देता है?

A. जड़त्वीय

B. अ-जड़त्वीय

C. स्थिर

D. पृथ्वी

✅ उत्तर: B

Q13. अपकेन्द्रीय बल की दिशा होती है—

A. केन्द्र की ओर

B. अभिकेन्द्रीय के विपरीत

C. गति की दिशा में

D. नीचे की ओर

✅ उत्तर: B

Q14. कपड़े सुखाने की मशीन कार्य करती है—

A. घर्षण पर

B. अभिकेन्द्रीय बल पर

C. अपकेन्द्रीय बल पर

D. दाब पर

✅ उत्तर: C

Q15. घुमावदार सड़क पर वाहन का झुकना संबंधित है—

A. गुरुत्व से

B. अपकेन्द्रीय बल से

C. चुंबकीय बल से

D. विद्युत बल से

✅ उत्तर: B

Q16. बल-आघूर्ण का सूत्र है—

A. बल × समय

B. बल × दूरी

C. बल × वेग

D. द्रव्यमान × दूरी

✅ उत्तर: B

Q17. बल-आघूर्ण की SI इकाई है—

A. जूल

B. न्यूटन

C. न्यूटन-मीटर

D. वाट

✅ उत्तर: C

Q18. दरवाजा कुंडी से दूर पकड़ने पर—

A. बल कम लगता है

B. बल अधिक लगता है

C. कोई फर्क नहीं पड़ता

D. कार्य नहीं होता

✅ उत्तर: A

Q19. बल-आघूर्ण एक—

A. अदिश राशि

B. सदिश राशि

C. तापीय राशि

D. विद्युत राशि

✅ उत्तर: B

Q20. आघूर्ण भुजा होती है—

A. बल और समय के बीच दूरी

B. बल की क्रिया रेखा और धुरी के बीच दूरी

C. वेग और समय के बीच दूरी

D. भार और प्रयास के बीच दूरी

✅ उत्तर: B

Q21. सरल मशीन का उद्देश्य है—

A. ऊर्जा बढ़ाना

B. कार्य कम करना

C. बल को सुविधाजनक बनाना

D. समय बढ़ाना

✅ उत्तर: C

Q22. सरल मशीन का उदाहरण नहीं है—

A. चरखी

B. उत्तोलक

C. ढलान तल

D. मोटर

✅ उत्तर: D

Q23. आदर्श मशीन में यांत्रिक लाभ होता है—

A. 1 से कम

B. 1 से अधिक

C. 1 के बराबर

D. 0

✅ उत्तर: C

Q24. यांत्रिक लाभ = ?

A. भार / प्रयास

B. प्रयास / भार

C. दूरी / बल

D. बल / समय

✅ उत्तर: A

Q25. दक्षता सदैव होती है—

A. 100%

B. 0%

C. 100% से कम

D. 100% से अधिक

✅ उत्तर: C

Q26. उत्तोलक के भागों की संख्या है—

A. 2

B. 3

C. 4

D. 5

✅ उत्तर: B

Q27. उत्तोलक का स्थिर बिंदु कहलाता है—

A. भार

B. प्रयास

C. आधार

D. आलम्ब

✅ उत्तर: D

Q28. उत्तोलक में लगाया गया बल कहलाता है—

A. भार

B. प्रयास

C. आघूर्ण

D. दक्षता

✅ उत्तर: B

Q29. उठाया गया बोझ कहलाता है—

A. प्रयास

B. आधार

C. भार

D. कुंजी

✅ उत्तर: C

Q30. कैंची किस श्रेणी का उत्तोलक है?

A. प्रथम

B. द्वितीय

C. तृतीय

D. कोई नहीं

✅ उत्तर: A

Q31. प्रथम श्रेणी उत्तोलक में—

A. भार बीच में

B. प्रयास बीच में

C. आलम्ब बीच में

D. कुछ नहीं

✅ उत्तर: C

Q32. सी-सॉ (झूला) किस श्रेणी का उत्तोलक है?

A. प्रथम

B. द्वितीय

C. तृतीय

D. कोई नहीं

✅ उत्तर: A

Q33. बोतल खोलने वाला ओपनर है—

A. प्रथम श्रेणी

B. द्वितीय श्रेणी

C. तृतीय श्रेणी

D. मिश्रित

✅ उत्तर: B

Q34. मानव भुजा किस श्रेणी का उत्तोलक है?

A. प्रथम

B. द्वितीय

C. तृतीय

D. कोई नहीं

✅ उत्तर: C

Q35. तृतीय श्रेणी उत्तोलक में—

A. भार बीच में

B. आलम्ब बीच में

C. प्रयास बीच में

D. सभी

✅ उत्तर: C

Q36. वृत्तीय गति में वेग की दिशा—

A. केन्द्र की ओर

B. बाहर की ओर

C. स्पर्शरेखा के अनुदिश

D. ऊपर

✅ उत्तर: C

Q37. यदि त्रिज्या बढ़े तो अभिकेन्द्रीय बल—

A. बढ़ेगा

B. घटेगा

C. शून्य होगा

D. अपरिवर्तित

✅ उत्तर: B

Q38. भारी वाहन के पहिये बड़े क्यों होते हैं?

A. बल बढ़ाने हेतु

B. आघूर्ण बढ़ाने हेतु

C. ऊर्जा बचाने हेतु

D. समय बचाने हेतु

✅ उत्तर: B

Q39. मशीन की दक्षता कभी 100% क्यों नहीं होती?

A. ऊर्जा नष्ट होती है

B. घर्षण के कारण

C. समय अधिक लगता है

D. बल कम होता है

✅ उत्तर: B

Q40. वृत्तीय पथ से बंधन टूटने पर वस्तु जाएगी—

A. केन्द्र की ओर

B. बाहर की ओर

C. स्पर्शरेखा के अनुदिश

D. नीचे

✅ उत्तर: C

Q41. आवेग एक—

A. अदिश

B. सदिश

C. शून्य

D. तापीय

✅ उत्तर: B

Q42. अभिकेन्द्रीय बल नहीं होने पर गति होगी—

A. सीधी रेखा में

B. वृत्त में

C. ऊपर

D. नीचे

✅ उत्तर: A

Q43. अपकेन्द्रीय बल वास्तविक क्यों नहीं माना जाता?

A. क्योंकि वह दिखाई नहीं देता

B. क्योंकि वह काल्पनिक है

C. क्योंकि वह कमजोर है

D. क्योंकि वह स्थिर है

✅ उत्तर: B

Q44. उत्तोलक में बल कम करने हेतु—

A. आघूर्ण भुजा बढ़ाई जाती है

B. भार बढ़ाया जाता है

C. दूरी घटाई जाती है

D. समय बढ़ाया जाता है

✅ उत्तर: A

Q45. सरल मशीनें ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन करती हैं—

A. हाँ

B. नहीं

C. कभी-कभी

D. निर्भर करता है

✅ उत्तर: A

Q46. वृत्तीय गति में त्वरण की दिशा—

A. केन्द्र की ओर

B. बाहर

C. स्पर्शरेखा

D. ऊपर

✅ उत्तर: A

Q47. बल-आघूर्ण शून्य होगा यदि—

A. बल शून्य हो

B. आघूर्ण भुजा शून्य हो

C. दोनों

D. कोई नहीं

✅ उत्तर: C

Q48. चरखी किस प्रकार की मशीन है?

A. सरल

B. जटिल

C. विद्युत

D. ऊष्मीय

✅ उत्तर: A

Q49. सबसे अधिक यांत्रिक लाभ किस उत्तोलक में हो सकता है?

A. प्रथम

B. द्वितीय

C. तृतीय

D. सभी में समान

✅ उत्तर: B

Q50. मानव शरीर में सबसे अधिक प्रयोग होने वाला उत्तोलक है—

A. प्रथम

B. द्वितीय

C. तृतीय

D. कोई नहीं

✅ उत्तर: C

Saturday, December 27, 2025

रेड पेन से ग्रीन पेन तक: मूल्यांकन की बदलती सोच पर एक विमर्श

रेड पेन से ग्रीन पेन तक: मूल्यांकन की बदलती सोच पर एक विमर्श

भूमिका: एक परिचित दृश्य और एक अनकहा प्रभाव

भारतीय शिक्षा व्यवस्था में वर्षों तक एक दृश्य बेहद सामान्य रहा है—छात्र की उत्तरपुस्तिका, उस पर लाल स्याही के मोटे निशान, जगह-जगह कटे हुए उत्तर और हाशिये पर लिखी गई टिप्पणियाँ। यह केवल कॉपी जाँचने की प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि शिक्षा की एक गहरी जमी हुई मानसिकता थी।

रेड पेन यहाँ सिर्फ एक रंग नहीं था, बल्कि सत्ता, अनुशासन और निर्णय का प्रतीक था।

आज जब सीबीएसई रेड पेन के प्रयोग से दूरी बनाने की बात करता है, तो स्वाभाविक रूप से कई सवाल उठते हैं-

क्या केवल पेन का रंग बदल देने से कुछ बदल जाएगा?

जब मूल्यांकन की प्रक्रिया वही है, तो रेड पेन पर आपत्ति क्यों?

इन सवालों के उत्तर रंग में नहीं, बल्कि सोच के बदलाव में छिपे हैं।

पहले की शिक्षा व्यवस्था: डर आधारित अनुशासन

कुछ दशक पहले तक शिक्षा व्यवस्था का मूल ढाँचा बिल्कुल स्पष्ट था। शिक्षक को “अंतिम सत्य” माना जाता था और छात्र का काम था उस सत्य को बिना प्रश्न स्वीकार करना। गलती करना कमजोरी समझी जाती थी और मूल्यांकन का उद्देश्य सीख को सुधारना नहीं, बल्कि छँटनी और नियंत्रण करना था।

रेड पेन इसी सोच का औजार था।

लाल स्याही के निशान यह संदेश देते थे—

“यह गलत है, और गलत होना स्वीकार्य नहीं है।”

यह मान लिया गया था कि डर से अनुशासन आएगा और अनुशासन से सफलता। लेकिन इस प्रक्रिया में यह नहीं देखा गया कि डर के साथ-साथ बच्चे का आत्मविश्वास, जिज्ञासा और सीखने का आनंद भी खत्म हो रहा है।

वर्तमान शिक्षा दृष्टिकोण: सीख केंद्र में, छात्र केंद्र में

आज शिक्षा की दुनिया में दृष्टिकोण बदल रहा है। शिक्षक अब केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि मार्गदर्शक (Facilitator) माना जा रहा है। गलती को कमजोरी नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा समझा जाने लगा है।

मूल्यांकन का उद्देश्य अब यह तय करना नहीं है कि कौन “अच्छा” है और कौन “कमज़ोर”, बल्कि यह देखना है कि छात्र कहाँ खड़ा है और उसे आगे कैसे बढ़ाया जा सकता है।

इसी संदर्भ में रंग और भाषा भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं, क्योंकि वे सीधे छात्र के मनोविज्ञान को प्रभावित करते हैं।

शोध यह स्पष्ट करता है कि

डर से सीख सीमित होती है,

जबकि सुरक्षा और प्रोत्साहन से सीख गहरी और टिकाऊ बनती है।

क्या सच में पेन का रंग फर्क डालता है?

अक्सर यह तर्क दिया जाता है—

“चेकिंग तो चेकिंग है। रेड हो या ग्रीन, गलती तो गलती ही रहेगी।”

यह तर्क तकनीकी रूप से सही, लेकिन मानसिक रूप से अधूरा है।

हाँ, गलती वही रहती है।

हाँ, अंक वही रहते हैं।

लेकिन जो बदलता है, वह है छात्र की अनुभूति।

लाल रंग अवचेतन रूप से खतरे, अस्वीकृति और असफलता का संकेत देता है। बच्चा जब अपनी कॉपी में बार-बार लाल निशान देखता है, तो उसे लगता है कि उसकी पहचान ही उसकी गलतियों से जुड़ गई है।

इसके विपरीत, हरा या नीला रंग संवाद, सुधार और मार्गदर्शन का भाव देता है। वही गलती जब सौम्य रंग और सकारात्मक भाषा में बताई जाती है, तो वह अपमान नहीं, सीख बन जाती है।

यह फर्क कागज़ पर नहीं, मन पर पड़ता है।

तो बदलाव की ज़रूरत क्यों पड़ी?

आज का छात्र केवल किताबों के बोझ से नहीं जूझ रहा, बल्कि

प्रतिस्पर्धा, सोशल प्रेशर, करियर की अनिश्चितता और अपेक्षाओं के दबाव से भी घिरा हुआ है। ऐसे में बार-बार लाल निशानों से भरी कॉपियाँ उसके भीतर यह भावना पैदा करती हैं कि वह “काबिल नहीं है”।

इसका सीधा असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। कई बच्चे सीखने के बजाय गलती छुपाने लगते हैं। डर आधारित मूल्यांकन समझ को पीछे छोड़कर रटने की संस्कृति को बढ़ावा देता है।

नई शिक्षा नीति (NEP 2020) इसी समस्या को पहचानते हुए कहती है—

“Assessment should be for learning, not of learning.”

यानी मूल्यांकन सीखने के लिए हो, सीख को जज करने के लिए नहीं।


क्या यह तरीका सच में काम करेगा?

यह मान लेना भोला होगा कि केवल पेन बदल देने से शिक्षा व्यवस्था बदल जाएगी।

सच यह है कि

केवल रंग बदलने से चमत्कार नहीं होगा,

लेकिन यह सोच बदलने की शुरुआत जरूर है।

यदि भाषा वही कठोर रहे,

यदि तुलना और तिरस्कार बना रहे,

यदि ध्यान केवल गलतियों पर ही केंद्रित हो,

तो ग्रीन पेन भी रेड पेन जैसा ही असर करेगा।

लेकिन यदि शिक्षक सुधारात्मक टिप्पणी करें, प्रयास की सराहना करें और गलती के साथ दिशा भी दें, तो वही मूल्यांकन सीखने का सशक्त साधन बन सकता है।

रेड पेन का विरोध, अनुशासन का विरोध नहीं

यह समझना आवश्यक है कि रेड पेन हटाने का अर्थ ढिलापन नहीं है। यह अनुशासन को खत्म करने की नहीं, बल्कि अनुशासन से डर हटाने की कोशिश है।

अनुशासन जब समझ से आता है, तो टिकाऊ होता है।

और जब डर से आता है, तो अस्थायी।

निष्कर्ष: बहस रंग की नहीं, सोच की है

रेड पेन बनाम ग्रीन पेन की बहस दरअसल रंगों की नहीं, दृष्टिकोण की बहस है।

यह स्वीकार करना कि बच्चा मशीन नहीं है,

गलती सीखने की सीढ़ी है,

और मूल्यांकन संवाद हो सकता है—

यही इस बदलाव का असली उद्देश्य है।


“जब शिक्षा डर छोड़ देती है, तभी सीखना शुरू होता है।”

Thursday, December 25, 2025

अरावली : एक विकसित भूल

 अरावली : एक विकसित भूल


जैसे धीरे-धीरे लुप्त हो गईं

कई ऐतिहासिक धरोहरें,

उसी तरह

एक दिन खो जाएगी

अरावली भी।


पर्यावरण के विद्वानों ने

प्रत्यक्ष प्रमाणों के साथ

सिद्ध कर दिया—

वर्षों से स्थिर खड़ी

प्राणदायिनी अरावली

अब विकसित भारत के लिए

औषधि नहीं,

बल्कि समस्या है।


कौन कहता है

ईश्वर गलती नहीं करते?

शायद अरावली के निर्माण के समय

ईश्वर से भी

कुछ भूल हो गई—

सीमाएँ तय करने में

अरावली की।


विकसित भारत की परिभाषा

देने वाले

चंद विद्वानों ने

तथ्यों के साथ

यह सिद्ध कर दिया

कि ईश्वर भी

गलती करते हैं।


काली बाज़ारी,

खनन की चोरी,

पेड़ों की अंधी कटाई,

निर्दोष जीवों को

बेघर करना—

यही हैं आज

विकास के प्रमाण।


और अरावली—

बस एक बाधा,

जिसे मिटा देना है

तरक़्क़ी की राह से

भूपेंद्र रावत


Sunday, December 21, 2025

हरियाणा से संबंधित महत्वपूर्ण Objective (MCQ) प्रश्न , सरकारी Group C एवं D परीक्षाओं के लिए पूरी तरह परीक्षा-उपयोगी हैं। (HSSC / CET आधारित)

 हरियाणा प्राचीन एवं मध्यकालीन इतिहास से संबंधित  

महत्वपूर्ण Objective (MCQ) प्रश्न ,  

सरकारी Group C एवं D परीक्षाओं के लिए पूरी तरह परीक्षा-उपयोगी हैं।

(HSSC / CET आधारित)

प्राचीन हरियाणा (Q1–100)

Q1. हरियाणा का प्राचीन नाम क्या था?

A. ब्रह्मावर्त ✅

B. आर्यावर्त

C. कुरुक्षेत्र

D. पंचाल

Q2. सरस्वती नदी का प्राचीन नाम क्या था?

A. दृषद्वती

B. हिरण्यवती

C. सरस्वती ✅

D. विपाशा

Q3. हरियाणा का उल्लेख किस वेद में मिलता है?

A. यजुर्वेद

B. अथर्ववेद

C. ऋग्वेद ✅

D. सामवेद

Q4. ब्रह्मावर्त क्षेत्र किन नदियों के बीच स्थित था?

A. गंगा–यमुना

B. सरस्वती–दृषद्वती ✅

C. सतलुज–रावी

D. यमुना–घग्गर

Q5. महाभारत युद्ध कहाँ लड़ा गया?

A. हस्तिनापुर

B. कुरुक्षेत्र ✅

C. इंद्रप्रस्थ

D. मथुरा

Q6. महाभारत युद्ध कितने दिन चला?

A. 10

B. 12

C. 15

D. 18 ✅

Q7. भगवद् गीता का उपदेश किसने दिया?

A. अर्जुन

B. भीष्म

C. कृष्ण ✅

D. विदुर

Q8. ज्योतिसर किससे संबंधित है?

A. रामायण

B. महाभारत ✅

C. पुराण

D. वेद

Q9. कुरु वंश की राजधानी क्या थी?

A. इंद्रप्रस्थ

B. हस्तिनापुर ✅

C. पाटलिपुत्र

D. कौशांबी

Q10. हरियाणा में आर्यों का प्रमुख व्यवसाय क्या था?

A. व्यापार

B. कृषि एवं पशुपालन ✅

C. शिल्प

D. खनन

Q11. वैदिक काल में हरियाणा क्षेत्र किस नाम से प्रसिद्ध था?

A. पंचाल

B. ब्रह्मावर्त ✅

C. आर्यावर्त

D. मध्‍यदेश

Q12. ब्रह्मावर्त की सीमा किन नदियों के बीच थी?

A. गंगा–यमुना

B. यमुना–चंबल

C. सरस्वती–दृषद्वती ✅

D. सतलुज–रावी

Q13. ऋग्वैदिक काल में प्रमुख नदी कौन-सी थी?

A. गंगा

B. यमुना

C. सरस्वती ✅

D. सिंधु

Q14. वैदिक काल में सभा एवं समिति किससे संबंधित थीं?

A. धर्म

B. प्रशासन एवं राजनीति ✅

C. अर्थव्यवस्था

D. शिक्षा

Q15. वैदिक काल में शिक्षा का प्रमुख माध्यम क्या था?

A. पुस्तक

B. विश्वविद्यालय

C. गुरुकुल प्रणाली ✅

D. मदरसा

🔹 जनपद एवं महाजनपद काल

Q16. महाजनपद काल में हरियाणा क्षेत्र किस महाजनपद में आता था?

A. मगध

B. वत्स

C. कुरु ✅

D. अवंति

Q17. कुरु महाजनपद की राजधानी क्या थी?

A. इंद्रप्रस्थ

B. हस्तिनापुर ✅

C. कौशांबी

D. पाटलिपुत्र

Q18. इंद्रप्रस्थ का वर्तमान नाम क्या है?

A. मेरठ

B. दिल्ली ✅

C. सोनीपत

D. पानीपत

Q19. कुरु क्षेत्र का धार्मिक महत्व किस ग्रंथ से जुड़ा है?

A. रामायण

B. उपनिषद

C. महाभारत ✅

D. पुराण

🔹 बौद्ध एवं जैन प्रभाव

Q20. बौद्ध धर्म के संस्थापक कौन थे?

A. महावीर

B. अशोक

C. बुद्ध ✅

D. नागसेन

Q21. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर कौन थे?

A. ऋषभदेव

B. पार्श्वनाथ

C. नेमिनाथ

D. महावीर स्वामी ✅

Q22. हरियाणा में बौद्ध धर्म का प्रचार किस काल में हुआ?

A. वैदिक काल

B. मौर्य काल ✅

C. गुप्त काल

D. हर्ष काल

Q23. बौद्ध धर्म की प्रथम संगीति कहाँ हुई?

A. वैशाली

B. पाटलिपुत्र

C. राजगृह ✅

D. सारनाथ

🔹 सिकंदर का आक्रमण

Q24. भारत पर सिकंदर का आक्रमण कब हुआ?

A. 400 ई.पू.

B. 356 ई.पू.

C. 326 ई.पू. ✅

D. 300 ई.पू.

Q25. सिकंदर का सामना किस भारतीय राजा से हुआ?

A. चंद्रगुप्त मौर्य

B. पोरस ✅

C. अजातशत्रु

D. बिंबिसार

Q26. सिकंदर ने भारत से वापस क्यों लौटने का निर्णय लिया?

A. बीमारी

B. सेना के विद्रोह के कारण ✅

C. पराजय

D. संधि के कारण

🔹 मौर्य काल

Q27. मौर्य वंश का संस्थापक कौन था?

A. बिंदुसार

B. अशोक

C. चंद्रगुप्त मौर्य ✅

D. दशरथ

Q28. चंद्रगुप्त मौर्य का गुरु कौन था?

A. पतंजलि

B. मेगस्थनीज

C. चाणक्य (कौटिल्य) ✅

D. कालिदास

Q29. मौर्य काल में हरियाणा किस प्रांत का भाग था?

A. मगध

B. उत्तरापथ ✅

C. अवंति

D. कलिंग

Q30. अशोक ने धम्म का प्रचार किस माध्यम से किया?

A. ग्रंथ

B. सिक्के

C. शिलालेख एवं स्तंभ लेख ✅

D. चित्रकला

Q31. अशोक का राजचिह्न क्या था?

A. सिंह स्तंभ ✅

B. गरुड़

C. अश्व

D. वृषभ

🔹 शुंग एवं कुषाण काल

Q32. मौर्य वंश के बाद किस वंश का शासन आया?

A. सातवाहन

B. गुप्त

C. शुंग ✅

D. कुषाण

Q33. शुंग वंश का संस्थापक कौन था?

A. पुष्यमित्र शुंग ✅

B. अग्निमित्र

C. वासुदेव

D. कनिष्क

Q34. कुषाण वंश का प्रसिद्ध शासक कौन था?

A. विम कडफिसेस

B. हुविष्क

C. कनिष्क ✅

D. वासुदेव

Q35. कनिष्क किस धर्म का संरक्षक था?

A. वैदिक

B. जैन

C. बौद्ध (महायान) ✅

D. शैव

Q36. कनिष्क के काल में कौन-सी भाषा प्रचलित थी?

A. संस्कृत

B. प्राकृत

C. ग्रीक

D. संस्कृत एवं प्राकृत ✅

🔹 गुप्त काल (स्वर्ण युग)

Q37. गुप्त वंश का संस्थापक कौन था?

A. चंद्रगुप्त I

B. श्रीगुप्त ✅

C. समुद्रगुप्त

D. कुमारगुप्त

Q38. समुद्रगुप्त को किस नाम से जाना जाता है?

A. भारत का अशोक

B. भारत का सिकंदर ✅

C. धर्मराज

D. महावीर

Q39. गुप्त काल को स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है?

A. धार्मिक कारण

B. राजनीतिक कारण

C. कला, साहित्य एवं विज्ञान की उन्नति के कारण ✅

D. युद्धों के कारण

Q40. गुप्त काल में प्रसिद्ध विद्वान कौन थे?

A. चाणक्य

B. पतंजलि

C. कालिदास ✅

D. बाणभट्ट

Q41. कालिदास की प्रसिद्ध रचना कौन-सी है?

A. अर्थशास्त्र

B. अभिज्ञान शाकुंतलम् ✅

C. बुद्धचरित

D. हर्षचरित

Q42. गुप्त काल में प्रशासन की भाषा क्या थी?

A. पाली

B. प्राकृत

C. संस्कृत ✅

D. फारसी

Q43. हरियाणा क्षेत्र में सबसे प्राचीन सभ्यता कौन-सी थी?

A. सिंधु सभ्यता

B. वैदिक सभ्यता ✅

C. बौद्ध सभ्यता

D. मौर्य सभ्यता

Q44. सरस्वती नदी का वर्तमान नाम क्या माना जाता है?

A. यमुना

B. गंगा

C. घग्गर ✅

D. चंबल

Q45. प्राचीन काल में शिक्षा का केंद्र कौन था?

A. तक्षशिला ✅

B. नालंदा

C. वल्लभी

D. विक्रमशिला

Q46. प्राचीन भारत में सिक्कों को क्या कहा जाता था?

A. दीनार

B. पण ✅

C. रुपया

D. टंका

Q47. गुप्त काल में भूमि कर को क्या कहा जाता था?

A. भोग 

B. भूमि 

C. उपरिकर

D. भाग ✅

Q48. हरियाणा क्षेत्र में कृषि किस नदी पर निर्भर थी?

A. गंगा

B. यमुना

C. सरस्वती/घग्गर ✅

D. चंबल

Q49. वैदिक काल में सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक इकाई क्या थी?

A. राज्य

B. जनपद

C. परिवार ✅

D. ग्राम

Q50. वैदिक समाज में वर्ण व्यवस्था कितने वर्गों में विभाजित थी?

A. दो

B. तीन

C. चार ✅

D. पाँच

Q51. वर्ण व्यवस्था का उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है?

A. यजुर्वेद

B. सामवेद

C. ऋग्वेद (पुरुषसूक्त) ✅

D. अथर्ववेद

Q52. वैदिक काल में राजा को क्या कहा जाता था?

A. सम्राट

B. राजन

C. नृप

D. राजन/नृप ✅

 जनपद–महाजनपद

Q53. 16 महाजनपदों का उल्लेख किस ग्रंथ में है?

A. रामायण

B. महाभारत

C. अंगुत्तर निकाय ✅

D. ऋग्वेद

Q54. कुरु महाजनपद का क्षेत्र वर्तमान में किस राज्य में था?

A. उत्तर प्रदेश

B. राजस्थान

C. हरियाणा एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश ✅

D. पंजाब

Q55. महाजनपद काल में शासन प्रणाली कैसी थी?

A. लोकतांत्रिक

B. गणतंत्र एवं राजतंत्र दोनों ✅

C. केवल गणतंत्र

D. केवल राजतंत्र

बौद्ध–जैन प्रभाव

Q56. बौद्ध धर्म का मुख्य उद्देश्य क्या था?

A. राज्य विस्तार

B. मोक्ष प्राप्ति

C. दुःख से मुक्ति ✅

D. कर्मकांड

Q57. बौद्ध धर्म की त्रिरत्न संकल्पना में क्या शामिल है?

A. बुद्ध, धर्म, संघ ✅

B. सत्य, अहिंसा, त्याग

C. ज्ञान, भक्ति, कर्म

D. ब्रह्मा, विष्णु, महेश

Q58. जैन धर्म का मुख्य सिद्धांत क्या है?

A. भक्ति

B. अहिंसा ✅

C. यज्ञ

D. तपस्या

Q59. जैन धर्म में मोक्ष को क्या कहा जाता है?

A. कैवल्य 

B. निर्वाण

C. समाधि

D. निर्वृत्ति

सिकंदर एवं यूनानी प्रभाव

Q60. सिकंदर किस देश का शासक था?

A. रोम

B. ग्रीस (मैसेडोनिया) ✅

C. फारस

D. मिस्र

Q61. सिकंदर का भारत अभियान किस नदी तक सीमित रहा?

A. गंगा

B. यमुना

C. व्यास (हाइफेसिस) ✅

D. सिंधु

Q62. सिकंदर के बाद भारत में कौन-सा प्रभाव देखा गया?

A. चीनी

B. यूनानी (ग्रीक) ✅

C. फारसी

D. तुर्की

मौर्य काल

Q63. मौर्य प्रशासन का मुख्य आधार क्या था?

A. सामंत

B. ग्राम सभा

C. केंद्रीकृत शासन ✅

D. गणतंत्र

Q64. अशोक ने किस युद्ध के बाद धम्म विजय की नीति अपनाई?

A. पाटलिपुत्र

B. मगध

C. कलिंग युद्ध ✅

D. तक्षशिला

Q65. अशोक के शिलालेख किस भाषा में हैं?

A. संस्कृत

B. पाली

C. प्राकृत (ब्राह्मी लिपि) ✅

D. फारसी

Q66. मौर्य काल में भू-राजस्व अधिकारी को क्या कहा जाता था?

A. अमात्य

B. समाहर्ता ✅

C. महादंडनायक

D. सेनापति

 शुंग–कुषाण काल

Q67. पुष्यमित्र शुंग किस धर्म का अनुयायी था?

A. बौद्ध

B. जैन

C. ब्राह्मण (वैदिक) ✅

D. शैव

Q68. कुषाण काल में सोने के सिक्कों को क्या कहा जाता था?

A. पण

B. दीनार ✅

C. टंका

D. निष्क

Q69. कनिष्क का संबंध किस बौद्ध संगीति से है?

A. प्रथम

B. द्वितीय

C. तृतीय

D. चतुर्थ ✅

 गुप्त काल

Q70. गुप्त काल में प्रशासन की इकाई को क्या कहा जाता था?

A. मंडल

B. विषय ✅

C. अहार

D. खंड

Q71. गुप्त काल में भूमि अनुदान को क्या कहा जाता था?

A. जागीर

B. इनाम

C. अग्रहार ✅

D. कर

Q72. गुप्त काल में कर प्रणाली कैसी थी?

A. कठोर

B. उदार

C. अत्यधिक

D. न्यायपूर्ण एवं व्यवस्थित ✅

Q73. गुप्त काल में मूर्तिकला किस शैली में विकसित हुई?

A. गांधार

B. मथुरा

C. मथुरा एवं गांधार दोनों ✅

D. राजस्थानी

Q74. समुद्रगुप्त की विजय का वर्णन किस स्तंभ में है?

A. इलाहाबाद स्तंभ लेख ✅

B. अशोक स्तंभ

C. दिल्ली स्तंभ

D. सांची स्तंभ

संस्कृति, अर्थव्यवस्था, समाज

Q75. वैदिक काल में प्रमुख व्यवसाय क्या था?

A. व्यापार

B. शिल्प

C. कृषि एवं पशुपालन ✅

D. खनन

Q76. प्राचीन भारत में व्यापार के लिए कौन-सी मुद्रा प्रयोग होती थी?

A. रुपया

B. दीनार

C. निष्क/पण ✅

D. टका

Q77. गुप्त काल में शिक्षा का प्रमुख केंद्र कौन था?

A. तक्षशिला

B. नालंदा ✅

C. उज्जैन

D. कांची

Q78. प्राचीन भारत में विश्वविद्यालय प्रणाली किस काल में विकसित हुई?

A. वैदिक

B. मौर्य

C. कुषाण

D. गुप्त ✅

Q79. हरियाणा क्षेत्र का सबसे पवित्र धार्मिक स्थल कौन-सा माना जाता है?

A. सोनीपत

B. कुरुक्षेत्र ✅

C. पानीपत

D. हिसार

Q80. महाभारत युद्ध के समय हस्तिनापुर किस नदी के किनारे स्थित था?

A. गंगा

B. यमुना

C. सरस्वती

D. गंगा की सहायक नदी (गंगा क्षेत्र) ✅

Q81. आर्यों की भाषा क्या थी?

A. पाली

B. प्राकृत

C. संस्कृत ✅

D. फारसी

Q82. प्राचीन काल में ग्राम का प्रमुख कौन होता था?

A. समाहर्ता

B. ग्रामणी/ग्रामिक ✅

C. अमात्य

D. दंडनायक

Q83. वैदिक युग में सभा में कौन शामिल होते थे?

A. केवल राजा

B. सभी लोग

C. बुजुर्ग एवं प्रमुख व्यक्ति ✅

D. सैनिक

Q84. गुप्त काल में न्याय व्यवस्था किस पर आधारित थी?

A. राजा की इच्छा

B. धर्मशास्त्र एवं स्मृतियाँ ✅

C. विदेशी कानून

D. सैन्य नियम

Q85. हरियाणा क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभाव किस नदी का था?

A. गंगा

B. यमुना

C. सरस्वती (घग्गर) ✅

D. सतलुज

Q86. प्राचीन भारत में भूमि मापन की इकाई क्या थी?

A. बीघा

B. हल

C. निवर्तन ✅

D. एकड़

Q87. मौर्य काल में गुप्तचर व्यवस्था किसके अधीन थी?

A. सेनापति

B. अमात्य

C. समाहर्ता

D. महामात्य ✅

Q88. गुप्त काल में स्त्रियों की स्थिति कैसी थी?

A. अत्यंत स्वतंत्र

B. वैदिक काल से कमजोर हुई ✅

C. समान

D. नगण्य

Q89. हरियाणा क्षेत्र में प्राचीन शिक्षा किस भाषा में थी?

A. पाली

B. प्राकृत

C. संस्कृत ✅

D. फारसी

Q90. गुप्त काल में विज्ञान के क्षेत्र में प्रसिद्ध विद्वान कौन थे?

A. कालिदास

B. आर्यभट्ट ✅

C. पतंजलि

D. नागार्जुन

Q91. आर्यभट्ट किस विषय से संबंधित थे?

A. आयुर्वेद

B. खगोल एवं गणित ✅

C. राजनीति

D. व्याकरण

Q92. प्राचीन काल में व्यापार मार्गों को क्या कहा जाता था?

A. पथ

B. राजमार्ग

C. सार्थवाह मार्ग ✅

D. तीर्थ मार्ग

Q93. सार्थवाह किसे कहा जाता था?

A. किसान

B. राजा

C. व्यापारी संघ का प्रमुख ✅

D. सैनिक

Q94. गुप्त काल में सबसे सामान्य कर कौन-सा था?

A. बलि

B. भाग ✅

C. शुल्क

D. कर

Q95. वैदिक काल में युद्ध को क्या कहा जाता था?

A. संग्राम

B. युद्ध

C. गविष्टि ✅

D. रण

Q96. प्राचीन हरियाणा में प्रमुख पशु कौन-सा था?

A. घोड़ा

B. हाथी

C. गाय ✅

D. ऊँट

Q97. गुप्त काल में मंदिर निर्माण किस शैली में हुआ?

A. द्रविड़

B. नागर ✅

C. वेसर

D. ग्रीक

Q98. हरियाणा क्षेत्र का प्राचीन राजनीतिक केंद्र कौन था?

A. पानीपत

B. थानेसर

C. कुरुक्षेत्र/हस्तिनापुर क्षेत्र ✅

D. हिसार

Q99. प्राचीन काल में कर वसूली किससे होती थी?

A. केवल व्यापारियों से

B. केवल किसानों से

C. सभी उत्पादक वर्गों से ✅

D. केवल शिल्पियों से

Q100. हरियाणा के प्राचीन इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण काल कौन-सा माना जाता है?

A. गुप्त काल

B. मौर्य काल

C. वैदिक काल ✅

D. कुषाण काल

NCERT - Class - 6 Chapter – 2: Oceans and Continents 👉 Useful for TET, CTET, State TETs, DSSSB, KVS, NVS & other Govt Exams - Group - C & D

NCERT - Class - 6 Chapter – 2: Oceans and Continents 

👉 Useful for TET, CTET, State TETs, DSSSB, KVS, NVS & other Govt Exams - Group - C & D


प्रश्न 1. पृथ्वी की सतह मुख्य रूप से किसमें विभाजित है?


(a) पर्वत और मैदान

(b) नदियाँ और झीलें

(c) स्थल (भूमि) और जल

(d) महाद्वीप और द्वीप


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 2. भूमि का एक बड़ा और निरंतर फैला हुआ भाग कहलाता है—


(a) स्थलखंड (Landmass)

(b) द्वीप

(c) पठार

(d) महाद्वीप


✅ उत्तर: (d)


प्रश्न 3. पृथ्वी पर सबसे बड़े जल निकाय कहलाते हैं—


(a) समुद्र

(b) खाड़ियाँ

(c) खाड़ी (Gulf)

(d) महासागर


✅ उत्तर: (d)


प्रश्न 4. किस गोलार्ध में जल की मात्रा अधिक है?


(a) उत्तरी गोलार्ध

(b) दक्षिणी गोलार्ध

(c) पूर्वी गोलार्ध

(d) पश्चिमी गोलार्ध


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 5. महासागर का वह छोटा भाग जो आंशिक रूप से स्थल से घिरा हो, कहलाता है—


(a) खाड़ी (Gulf)

(b) खाड़ी / उपसागर (Bay)

(c) समुद्र (Sea)

(d) जलडमरूमध्य (Strait)


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 6. निम्नलिखित में से कौन-सा उपसागर (Bay) का उदाहरण है?


(a) अरब सागर

(b) कच्छ की खाड़ी

(c) बंगाल की खाड़ी

(d) प्रशांत महासागर


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 7. उपसागर (Bay) और खाड़ी (Gulf) में अंतर यह है कि खाड़ी—


(a) आकार में छोटी होती है

(b) कम गहरी होती है

(c) स्थल से अधिक घिरी होती है

(d) मीठे पानी का स्रोत होती है


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 8. निम्नलिखित में से कौन-सा समुद्र है?


(a) बंगाल की खाड़ी

(b) भूमध्य सागर

(c) मेक्सिको की खाड़ी

(d) हिंद महासागर


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 9. भारत में स्थित खाड़ी कौन-सी है?


(a) मेक्सिको की खाड़ी

(b) फारस की खाड़ी

(c) कच्छ की खाड़ी

(d) अलास्का की खाड़ी


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 10. सभी महासागर किसके द्वारा अलग-अलग दर्शाए जाते हैं?


(a) पर्वतों द्वारा

(b) महाद्वीपों द्वारा

(c) प्राकृतिक सीमाओं द्वारा

(d) मानचित्रों पर परंपरागत रेखाओं द्वारा


✅ उत्तर: (d)


प्रश्न 11. विश्व में कुल कितने महासागर हैं?


(a) 3

(b) 4

(c) 5

(d) 7


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 12. सबसे बड़ा और सबसे गहरा महासागर कौन-सा है?


(a) अटलांटिक महासागर

(b) हिंद महासागर

(c) आर्कटिक महासागर

(d) प्रशांत महासागर


✅ उत्तर: (d)


प्रश्न 13. भारत के नाम पर रखा गया महासागर कौन-सा है?


(a) प्रशांत

(b) अटलांटिक

(c) हिंद महासागर

(d) दक्षिणी महासागर


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 14. विश्व का सबसे छोटा महासागर कौन-सा है?


(a) हिंद महासागर

(b) अटलांटिक महासागर

(c) आर्कटिक महासागर

(d) दक्षिणी महासागर


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 15. अंटार्कटिका को चारों ओर से कौन-सा महासागर घेरता है?


(a) अटलांटिक

(b) हिंद

(c) प्रशांत

(d) दक्षिणी महासागर


✅ उत्तर: (d)


प्रश्न 16. विश्व में कुल कितने महाद्वीप हैं?


(a) 5

(b) 6

(c) 7

(d) 8


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 17. सबसे बड़ा महाद्वीप कौन-सा है?


(a) अफ्रीका

(b) एशिया

(c) यूरोप

(d) उत्तरी अमेरिका


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 18. किस महाद्वीप में स्थायी मानव आबादी नहीं है?


(a) ऑस्ट्रेलिया

(b) अफ्रीका

(c) यूरोप

(d) अंटार्कटिका


✅ उत्तर: (d)


प्रश्न 19. कौन-सा महाद्वीप एक देश भी है?


(a) एशिया

(b) यूरोप

(c) ऑस्ट्रेलिया

(d) अफ्रीका


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 20. द्वीप वह स्थलखंड है जो—


(a) स्थल से घिरा होता है

(b) आंशिक रूप से जल से घिरा होता है

(c) पूर्ण रूप से जल से घिरा होता है

(d) मुख्य भूमि से जुड़ा होता है


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 21. सुनामी किस कारण से आती है?


(a) भारी वर्षा

(b) चक्रवात

(c) महासागर के नीचे भूकंप

(d) ज्वालामुखीय राख


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 22. 2004 की सुनामी किस महासागर में आई थी?


(a) प्रशांत महासागर

(b) अटलांटिक महासागर

(c) हिंद महासागर

(d) आर्कटिक महासागर


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 23. चक्रवात किसके ऊपर बनते हैं?


(a) ठंडी भूमि

(b) गर्म महासागरीय जल

(c) पर्वत

(d) मरुस्थल


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 24. अटलांटिक महासागर में चक्रवात को क्या कहा जाता है?


(a) टाइफून

(b) साइक्लोन

(c) टॉरनेडो

(d) हरिकेन


✅ उत्तर: (d)


प्रश्न 25. तूफानी ज्वार (Storm Surge) मुख्य रूप से किन क्षेत्रों को प्रभावित करता है?


(a) पर्वतीय क्षेत्र

(b) मरुस्थलीय क्षेत्र

(c) तटीय निम्नभूमि क्षेत्र

(d) पठारी क्षेत्र


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 26. विश्व की आधे से अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन होता है—


(a) वनों से

(b) घास के मैदानों से

(c) महासागरों से

(d) पर्वतों से


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 27. महासागरों को “पृथ्वी के फेफड़े” क्यों कहा जाता है?


(a) क्योंकि वे प्रदूषण को अवशोषित करते हैं

(b) क्योंकि वे ऑक्सीजन उत्पन्न करते हैं

(c) क्योंकि वे जल संग्रह करते हैं

(d) क्योंकि वे ज्वार को नियंत्रित करते हैं


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 28. महासागर भूमि पर वर्षा कराने में किस प्रक्रिया के माध्यम से सहायता करते हैं?


(a) अपक्षय

(b) अपरदन

(c) जल चक्र

(d) शैल चक्र


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 29. समुद्री वनस्पति (Marine Flora) से तात्पर्य है—


(a) स्थलीय पौधे

(b) मरुस्थलीय पौधे

(c) महासागरीय पौधे

(d) पर्वतीय पौधे


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 30. फॉना (Fauna) का अर्थ है—


(a) पौध जीवन

(b) प्राणी जीवन

(c) मानव जनसंख्या

(d) जलवायु


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 31. प्राचीन काल में महासागरों का मुख्य उपयोग किसके लिए किया जाता था?


(a) कृषि

(b) खनन

(c) प्रवास और व्यापार

(d) निर्माण कार्य


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 32. तटीय संस्कृतियाँ मुख्य रूप से क्यों विकसित हुईं?


(a) मरुस्थलों के कारण

(b) खनिजों के कारण

(c) भोजन और परिवहन की सुविधा के कारण

(d) पर्वतों के कारण


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 33. निम्नलिखित में से कौन-सी गतिविधि महासागरों के लिए हानिकारक है?


(a) मछली पकड़ना

(b) पर्यटन

(c) प्लास्टिक कचरा फेंकना

(d) नौपरिवहन


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 34. निम्नलिखित में से कौन-सा जीव महासागरों में पाया जाता है?


(a) ऊँट

(b) डॉल्फिन

(c) बाघ

(d) हाथी


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 35. महासागरीय जल होता है—


(a) मीठा

(b) खारा

(c) मधुर

(d) पीने योग्य


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 36. पृथ्वी को “नीला ग्रह” क्यों कहा जाता है?


(a) क्योंकि यह बहुत ठंडी है

(b) क्योंकि अंतरिक्ष से देखने पर महासागरों के कारण नीली दिखाई देती है

(c) क्योंकि आकाश का नीला रंग परावर्तित होता है

(d) क्योंकि इसका वायुमंडल नीला है


✅ सही उत्तर: (b)


प्रश्न 37. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?


(a) महासागर जलवायु को प्रभावित नहीं करते

(b) महासागर तापमान को नियंत्रित करके जलवायु को प्रभावित करते हैं

(c) महासागर केवल जल का भंडारण करते हैं

(d) महासागर केवल ध्रुवों के पास जलवायु को प्रभावित करते हैं


✅ सही उत्तर: (b)


प्रश्न 38. प्रवाल भित्तियाँ (Coral Reefs) मुख्य रूप से कहाँ पाई जाती हैं?


(a) मरुस्थलों में

(b) नदियों में

(c) महासागरों में

(d) हिमनदों में


✅ सही उत्तर: (c)


प्रश्न 39. महासागरों में प्लास्टिक प्रदूषण मुख्य रूप से—


(a) मछलियों की संख्या बढ़ाता है

(b) जल की गुणवत्ता सुधारता है

(c) समुद्री जीवन को नुकसान पहुँचाता है

(d) कोई प्रभाव नहीं डालता


✅ सही उत्तर: (c)


प्रश्न 40. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?


(a) सभी महाद्वीप समान रूप से आबाद हैं

(b) अंटार्कटिका सबसे अधिक आबादी वाला महाद्वीप है

(c) महाद्वीपों में जनसंख्या का वितरण असमान है

(d) यूरोप में कोई जनसंख्या नहीं है


✅ सही उत्तर: (c)


प्रश्न 41. पृथ्वी की सतह का लगभग कितना प्रतिशत भाग जल से ढका हुआ है?


(a) 51%

(b) 61%

(c) 71%

(d) 81%


✅ सही उत्तर: (c)


प्रश्न 42. विश्व का सबसे बड़ा महासागर कौन-सा है?


(a) अटलांटिक महासागर

(b) हिंद महासागर

(c) आर्कटिक महासागर

(d) प्रशांत महासागर


✅ सही उत्तर: (d)


प्रश्न 43. विश्व का सबसे छोटा महासागर कौन-सा है?


(a) हिंद महासागर

(b) अटलांटिक महासागर

(c) आर्कटिक महासागर

(d) दक्षिणी महासागर


✅ सही उत्तर: (c)


प्रश्न 44. ओलंपिक के पाँच छल्ले किसका प्रतिनिधित्व करते हैं?


(a) पाँच महासागर

(b) पाँच देश

(c) पाँच बसे हुए महाद्वीप

(d) पाँच जलवायु क्षेत्र


✅ सही उत्तर: (c)


प्रश्न 45. वह स्थलखंड जो चारों ओर से जल से घिरा हो, कहलाता है—


(a) प्रायद्वीप

(b) पठार

(c) द्वीप

(d) जलडमरूमध्य


✅ सही उत्तर: (c)

NCERT - Class - 6 Chapter – 1: Locating Places on the Earth 👉 Useful for TET, CTET, State TETs, DSSSB, KVS, NVS & other Govt Exams - Group - C & D

NCERT - Class - 6  

Chapter – 1: Locating Places on the Earth

👉 Useful for TET, CTET, State TETs, DSSSB, KVS, NVS & other Govt Exams


SECTION – A

Competency-Based MCQs (Concept + Application)

प्रश्न 1. ग्लोब की तुलना में मानचित्र को अधिक प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि यह—

(a) पृथ्वी को अधिक सटीक रूप में दर्शाता है

(b) किसी छोटे क्षेत्र का विस्तृत विवरण दिखा सकता है

(c) गोलाकार आकार में होता है

(d) हमेशा मापनी (स्केल) के अनुसार बनाया जाता है


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 2. निम्नलिखित में से मानचित्र की सबसे उपयुक्त परिभाषा कौन-सी है?

(a) पृथ्वी का फोटोग्राफ

(b) पृथ्वी का गोलाकार मॉडल

(c) समतल सतह पर पृथ्वी की सतह का चित्रण

(d) उपग्रह चित्र


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 3. एटलस होता है—

(a) विषयगत मानचित्र का एक प्रकार

(b) मानचित्रों से युक्त एक पुस्तक

(c) महाद्वीप दर्शाने वाला एक ग्लोब

(d) केवल राजनीतिक मानचित्र


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 4. वर्षा के वितरण को दर्शाने के लिए कौन-सा मानचित्र सबसे उपयुक्त है?

(a) भौतिक मानचित्र

(b) राजनीतिक मानचित्र

(c) विषयगत मानचित्र

(d) स्थलाकृतिक मानचित्र


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 5. सड़कों और इमारतों को दर्शाने वाला नगर मानचित्र किसका उदाहरण है?

(a) लघु मापनी मानचित्र

(b) वृहत मापनी मानचित्र

(c) भौतिक मानचित्र

(d) राजनीतिक मानचित्र


✅ उत्तर: (b)


SECTION – B


मापनी, दिशा एवं संकेत चिन्ह


प्रश्न 6. यदि मानचित्र पर 1 सेमी वास्तविक भूमि पर 10 किमी को दर्शाता है, तो यह मानचित्र किस मापनी का है?

(a) वृहत मापनी

(b) लघु मापनी

(c) बिना मापनी का

(d) परिवर्तनीय मापनी


✅ उत्तर: (a)


प्रश्न 7. दक्षिण और पूर्व के बीच कौन-सी दिशा होती है?

(a) उत्तर-पूर्व

(b) दक्षिण-पश्चिम

(c) दक्षिण-पूर्व

(d) उत्तर-पश्चिम


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 8. मानचित्रों में संकेत चिन्हों का प्रयोग मुख्य रूप से क्यों किया जाता है?

(a) मानचित्र को सजाने के लिए

(b) मानचित्र का आकार बढ़ाने के लिए

(c) स्थान बचाने और जानकारी स्पष्ट रूप से दिखाने के लिए

(d) मापनी को बदलने के लिए


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 9. मानचित्र की कुंजी या लीजेंड किसमें सहायता करती है?

(a) दूरी मापने में

(b) दिशा ज्ञात करने में

(c) संकेत चिन्हों को समझने में

(d) मापनी पहचानने में


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 10. मानचित्र का कौन-सा घटक उत्तर दिशा ज्ञात करने में सहायता करता है?

(a) मापनी

(b) संकेत चिन्ह

(c) कंपास / दिशा

(d) कुंजी


✅ उत्तर: (c)


SECTION – C


अक्षांश, देशांतर एवं निर्देशांक


प्रश्न 11. अक्षांश रेखाएँ होती हैं—

(a) ऊर्ध्वाधर रेखाएँ

(b) क्षैतिज काल्पनिक रेखाएँ

(c) वास्तविक रेखाएँ

(d) संख्या में असमान


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 12. भूमध्य रेखा स्थित होती है—

(a) 90° उत्तरी अक्षांश पर

(b) 23½° उत्तरी अक्षांश पर

(c) 0° अक्षांश पर

(d) 180° देशांतर पर


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 13. भारत से होकर कौन-सा अक्षांश गुजरता है?

(a) भूमध्य रेखा

(b) मकर रेखा

(c) कर्क रेखा

(d) आर्कटिक वृत्त


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 14. प्रधान मध्यान्ह रेखा (Prime Meridian) गुजरती है—

(a) भारत से

(b) ग्रीनविच से

(c) भूमध्य रेखा से

(d) 180° देशांतर से


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 15. 28.6° उत्तरी अक्षांश तथा 77.2° पूर्वी देशांतर पर स्थित स्थान है—

(a) मुंबई

(b) चेन्नई

(c) दिल्ली

(d) कोलकाता


✅ उत्तर: (c)


SECTION – D


समय क्षेत्र एवं अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा (TET के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण)


प्रश्न 16. पृथ्वी एक घंटे में _____ डिग्री घूमती है।

(a) 10°

(b) 12°

(c) 15°

(d) 30°


✅ उत्तर: (c)


प्रश्न 17. समय क्षेत्रों का आधार है—

(a) अक्षांश

(b) देशांतर

(c) भूमध्य रेखा

(d) कर्क एवं मकर रेखाएँ


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 18. ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) की गणना होती है—

(a) 82½° पूर्वी देशांतर से

(b) 180° देशांतर से

(c) भूमध्य रेखा से

(d) प्रधान मध्यान्ह रेखा से


✅ उत्तर: (d)


प्रश्न 19. भारतीय मानक समय (IST) है—

(a) GMT – 5½ घंटे

(b) GMT + 5½ घंटे

(c) GMT + 6 घंटे

(d) दिल्ली का स्थानीय समय


✅ उत्तर: (b)


प्रश्न 20. जब आप अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा को पूर्व से पश्चिम की ओर पार करते हैं, तो आप—

(a) एक दिन घटाते हैं

(b) एक दिन जोड़ते हैं

(c) एक घंटा जोड़ते हैं

(d) एक घंटा घटाते हैं


✅ उत्तर: (b)

Geography, Chapter 5: Mineramls and Energy Resources MCQs, Assertion–Reason Questions, Map based questions

Geography, Chapter 5: Mineramls and Energy Resources

MCQs,  Assertion–Reason Questions, Map based questions 


MCQs 

Q1. Which one of the following is a metallic mineral?

(a) Limestone

(b) Coal

(c) Iron ore

(d) Mica

✔ Answer: (c) Iron ore

Q2. Which iron ore is the best quality iron ore?

(a) Magnetite

(b) Hematite

(c) Limonite

(d) Siderite

✔ Answer: (a) Magnetite

Q3. Which state is the largest producer of manganese in India?

(a) Odisha

(b) Karnataka

(c) Madhya Pradesh

(d) Maharashtra

✔ Answer: (d) Maharashtra

Q4. Which mineral is used in the manufacturing of electrical goods?

(a) Bauxite

(b) Mica

(c) Iron

(d) Limestone

✔ Answer: (b) Mica

Q5. Bauxite is the ore of:

(a) Copper

(b) Iron

(c) Aluminium

(d) Zinc

✔ Answer: (c) Aluminium

Q6. Which coal type has the highest carbon content?

(a) Peat

(b) Lignite

(c) Bituminous

(d) Anthracite

✔ Answer: (d) Anthracite

Q7. Which oil field is located in Assam?

(a) Digboi

(b) Ankleshwar

(c) Kalol

(d) Mumbai High

✔ Answer: (a) Digboi

Q8. Which energy source is non-conventional?

(a) Coal

(b) Petroleum

(c) Solar energy

(d) Thermal power

✔ Answer: (c) Solar energy

Q9. Which one is a ferrous mineral?

(a) Copper

(b) Aluminium

(c) Iron

(d) Gold

✔ Answer: (c) Iron

Q10. Which power is generated using water?

(a) Thermal power

(b) Nuclear power

(c) Solar power

(d) Hydel power

✔ Answer: (d) Hydel power

Q11. Which mineral is known as “Black Gold”?

(a) Coal

(b) Petroleum

(c) Iron

(d) Manganese

✔ Ans: (b)

Q12. Which one is a non-metallic mineral?

(a) Iron

(b) Copper

(c) Mica

(d) Aluminium

✔ Ans: (c)

Q13. Which state is the largest producer of iron ore in India?

(a) Odisha

(b) Jharkhand

(c) Chhattisgarh

(d) Karnataka

✔ Ans: (a)

Q14. Which coal field is located in Jharkhand?

(a) Jharia

(b) Raniganj

(c) Talcher

(d) Neyveli

✔ Ans: (a)

Q15. Which mineral is used in making cement?

(a) Iron ore

(b) Limestone

(c) Bauxite

(d) Mica

✔ Ans: (b)

Q16. Which power station uses uranium?

(a) Thermal

(b) Solar

(c) Nuclear

(d) Hydel

✔ Ans: (c)

Q17. Which one is a renewable resource?

(a) Coal

(b) Petroleum

(c) Solar energy

(d) Natural gas

✔ Ans: (c)

Q18. Which metal is obtained from bauxite?

(a) Copper

(b) Aluminium

(c) Zinc

(d) Iron

✔ Ans: (b)

Q19. Which mineral belt is famous for iron ore?

(a) Chota Nagpur Plateau

(b) Deccan Plateau

(c) Himalayas

(d) Coastal Plains

✔ Ans: (a)

Q20. Which coal has the lowest carbon content?

(a) Anthracite

(b) Bituminous

(c) Lignite

(d) Peat

✔ Ans: (d)

Q21. Which mineral is essential for electric wiring?

(a) Iron

(b) Copper

(c) Aluminium

(d) Zinc

✔ Ans: (b)

Q22. Which oil refinery is located in Assam?

(a) Digboi

(b) Mathura

(c) Barauni

(d) Haldia

✔ Ans: (a)

Q23. Which state leads in bauxite production?

(a) Gujarat

(b) Odisha

(c) Jharkhand

(d) Maharashtra

✔ Ans: (b)

Q24. Which energy source is also called inexhaustible?

(a) Coal

(b) Petroleum

(c) Solar energy

(d) Natural gas

✔ Ans: (c)

Q25. Which mineral is used in glass industry?

(a) Limestone

(b) Silica

(c) Mica

(d) Iron

✔ Ans: (b)

Q26. Which coal field is located in West Bengal?

(a) Jharia

(b) Raniganj

(c) Bokaro

(d) Talcher

✔ Ans: (b)

Q27. Which metal is corrosion-resistant?

(a) Iron

(b) Copper

(c) Aluminium

(d) Zinc

✔ Ans: (c)

Q28. Which power plant is located in Tamil Nadu?

(a) Narora

(b) Kalpakkam

(c) Tarapur

(d) Rawatbhata

✔ Ans: (b)

Q29. Which mineral is used as a lubricant?

(a) Graphite

(b) Iron

(c) Mica

(d) Bauxite

✔ Ans: (a)

Q30. Which gas is found with petroleum deposits?

(a) Nitrogen

(b) Oxygen

(c) Natural gas

(d) Carbon monoxide

✔ Ans: (c)

Q31. Which mineral is used in fertilisers?

(a) Mica

(b) Phosphorite

(c) Iron

(d) Bauxite

✔ Ans: (b)

Q32. Which power is generated from flowing water?

(a) Thermal

(b) Nuclear

(c) Solar

(d) Hydel

✔ Ans: (d)

Q33. Which state has the largest coal reserves?

(a) Odisha

(b) Jharkhand

(c) Chhattisgarh

(d) West Bengal

✔ Ans: (b)

Q34. Which mineral is called the backbone of industry?

(a) Copper

(b) Iron

(c) Aluminium

(d) Manganese

✔ Ans: (b)

Q35. Which mineral is used in making aircraft?

(a) Iron

(b) Copper

(c) Aluminium

(d) Zinc

✔ Ans: (c)

Q36. Which energy resource causes maximum pollution?

(a) Solar

(b) Wind

(c) Coal

(d) Hydel

✔ Ans: (c)

Q37. Which mineral is used in dry cells?

(a) Zinc

(b) Iron

(c) Copper

(d) Aluminium

✔ Ans: (a)

Q38. Which state has the largest wind power capacity?

(a) Gujarat

(b) Rajasthan

(c) Tamil Nadu

(d) Maharashtra

✔ Ans: (c)

Q39. Which oil field is offshore?

(a) Digboi

(b) Ankleshwar

(c) Mumbai High

(d) Naharkatiya

✔ Ans: (c)

Q40. Which mineral is used in making alloys?

(a) Iron

(b) Manganese

(c) Limestone

(d) Mica

✔ Ans: (b)

Q41. Which mineral is used in paints and rubber?

(a) Limestone

(b) Bauxite

(c) Mica

(d) Iron

✔ Ans: (c)

Q42. Which mineral is found in sedimentary rocks?

(a) Iron

(b) Copper

(c) Coal

(d) Gold

✔ Ans: (c)

Q43. Which energy source is least polluting?

(a) Coal

(b) Petroleum

(c) Solar

(d) Thermal

✔ Ans: (c)

Q44. Which mineral is used in making steel?

(a) Copper

(b) Aluminium

(c) Iron ore

(d) Mica

✔ Ans: (c)

Q45. Which state is famous for mica production?

(a) Bihar

(b) Jharkhand

(c) Odisha

(d) Rajasthan

✔ Ans: (b)

Q46. Which mineral helps in strengthening steel?

(a) Copper

(b) Zinc

(c) Manganese

(d) Bauxite

✔ Ans: (c)

Q47. Which energy resource is obtained from the sun?

(a) Wind

(b) Thermal

(c) Solar

(d) Hydel

✔ Ans: (c)

Q48. Which coal field is located in Odisha?

(a) Bokaro

(b) Talcher

(c) Raniganj

(d) Jharia

✔ Ans: (b)

Q49. Which metal is good conductor of electricity?

(a) Iron

(b) Aluminium

(c) Copper

(d) Zinc

✔ Ans: (c)

Q50. Which mineral is used in making fertiliser and chemicals?

(a) Mica

(b) Limestone

(c) Phosphorite

(d) Iron

✔ Ans: (c)

Q51. Which mineral is extracted from veins and lodes?

(a) Coal

(b) Iron ore

(c) Tin

(d) Petroleum

✔ Ans: (c)

Q52. Which power station is located in Uttar Pradesh?

(a) Kalpakkam

(b) Tarapur

(c) Narora

(d) Rawatbhata

✔ Ans: (c)

Q53. Which mineral is used in nuclear power generation?

(a) Thorium

(b) Uranium

(c) Coal

(d) Natural gas

✔ Ans: (b)

Q54. Which energy resource is found in the Gulf of Khambhat?

(a) Coal

(b) Petroleum

(c) Wind

(d) Solar

✔ Ans: (b)

Q55. Which mineral is used in making toothpaste?

(a) Limestone

(b) Mica

(c) Phosphate

(d) Iron

✔ Ans: (c)

Q56. Which state is rich in petroleum resources?

(a) Assam

(b) Gujarat

(c) Maharashtra

(d) All of these

✔ Ans: (d)

Q57. Which mineral is used in making glass and ceramics?

(a) Bauxite

(b) Silica

(c) Iron

(d) Manganese

✔ Ans: (b)

Q58. Which energy resource is biodegradable?

(a) Coal

(b) Petroleum

(c) Biogas

(d) Nuclear

✔ Ans: (c)

Q59. Which mineral is used in making pencils?

(a) Iron

(b) Graphite

(c) Mica

(d) Zinc

✔ Ans: (b)

Q60. Which energy resource is cheapest in the long run?

(a) Coal

(b) Solar

(c) Petroleum

(d) Nuclear

✔ Ans: (b)

Assertion – Reason Questions


(a) Both A and R are true and R is the correct explanation of A

(b) Both A and R are true but R is not the correct explanation of A

(c) A is true but R is false

(d) A is false but R is true

Q1.

Assertion (A): Minerals are unevenly distributed in India.

Reason (R): Mineral distribution depends on geological structure.

✔ Answer: (a)

Q2.

Assertion (A): Aluminium is a light metal.

Reason (R): It is extracted from bauxite.

✔ Answer: (b)

Q3.

Assertion (A): Coal is an exhaustible resource.

Reason (R): It takes millions of years to form.

✔ Answer: (a)

Q4.

Assertion (A): Petroleum is called liquid gold.

Reason (R): It has high economic value and multiple uses.

✔ Answer: (a)

Q5.

Assertion (A): Solar energy is environment-friendly.

Reason (R): It does not cause pollution.

✔ Answer: (a)

Q6.

Assertion (A): Minerals are non-renewable resources.

Reason (R): They take millions of years to form.

✔ Ans: (a)

Q7.

Assertion (A): Ferrous minerals are mainly used in heavy industries.

Reason (R): They contain iron.

✔ Ans: (a)

Q8.

Assertion (A): India is rich in coal resources.

Reason (R): Coal is mainly found in sedimentary rocks.

✔ Ans: (b)

Q9.

Assertion (A): Aluminium is considered a metal of the future.

Reason (R): It is light, strong and resistant to corrosion.

✔ Ans: (a)

Q10.

Assertion (A): Petroleum is an exhaustible resource.

Reason (R): It is formed from the remains of organisms over millions of years.

✔ Ans: (a)

Q11.

Assertion (A): Non-conventional energy resources help in sustainable development.

Reason (R): They reduce dependence on fossil fuels.

✔ Ans: (a)

Q12.

Assertion (A): Hydel power is an eco-friendly source of energy.

Reason (R): It does not emit pollutants during power generation.

✔ Ans: (a)

Q13.

Assertion (A): Mica is widely used in the electrical industry.

Reason (R): It is a poor conductor of electricity.

✔ Ans: (a)

Q14.

Assertion (A): Coal is called a fossil fuel.

Reason (R): It is formed from the remains of ancient plants.

✔ Ans: (a)

Q15.

Assertion (A): Nuclear energy is a non-renewable source of energy.

Reason (R): Uranium reserves are limited.

✔ Ans: (a)

Q16.

Assertion (A): Odisha is a leading producer of iron ore.

Reason (R): The state lies in the Chotanagpur Plateau region.

✔ Ans: (a)

Q17.

Assertion (A): Mumbai High is an offshore oil field.

Reason (R): It is located in the Arabian Sea.

✔ Ans: (a)

Q18.

Assertion (A): Talcher is an important coalfield of India.

Reason (R): It is located in Odisha.

✔ Ans: (b)

Q19.

Assertion (A): Kalpakkam is a nuclear power station.

Reason (R): It is located in Karnataka.

✔ Ans: (c)

Q20.

Assertion (A): Jharia coalfield produces high-quality coal.

Reason (R): It is rich in anthracite coal.

✔ Ans: (c)

Q21.

Assertion (A): Conservation of minerals is essential.

Reason (R): Minerals are unevenly distributed and exhaustible.

✔ Ans: (a)

Q22.

Assertion (A): Wind energy is mainly developed in coastal and hilly areas.

Reason (R): These areas experience strong and consistent winds.

✔ Ans: (a)

Q23.

Assertion (A): Biogas is considered a clean fuel.

Reason (R): It produces very little smoke.

✔ Ans: (a)

Q24.

Assertion (A): Thermal power plants cause environmental pollution.

Reason (R): They use fossil fuels like coal.

✔ Ans: (a)

Q25.

Assertion (A): Tidal energy has limited use in India.

Reason (R): Suitable sites are very few.

✔ Ans: (a)

Map-Based Questions


On the outline map of India, locate and label ANY FIVE:

Minerals

  • Iron ore – Odisha belt
  • Manganese – Maharashtra
  • Bauxite – Odisha
  • Mica – Jharkhand

Energy Resources

  • Coal field – Jharia
  • Oil field – Digboi
  • Oil field – Mumbai High
  • Thermal power station – Talcher
  • Nuclear power plant – Kalpakkam

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