हार तब नहीं होती,
जब हार जाते है
बल्कि हार तब होती है,
जब हार मान जाते है।
निराश हो कर
हार मान जाना
सफलता के रास्ते
बंद कर देता है
सपने और लक्ष्यों को
मंझधार मे छोड़ देता है
हार मानने से पहले
पुनः प्रयास करो
आशावादी बनो और
अभ्यास करो
भूपेंद्र रावत
कहानी :- चींटी की समझदारी की यात्रा चींटी अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके दो बच्चे थे, जो रोज़ स्कूल जाते थे। एक दिन बच्चों ने मासूमियत से ...
True
ReplyDeleteVery nice
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