Thursday, November 13, 2025

वक़्त ने कभी नहीं ओढ़े मुखोटे

 सुना है, अक्सर लोगों से, कि

समय बदल गया है, लेकिन

उन्हें कौन समझाए कि

वक़्त तो जैसा था, आज भी वैसा ही है

बदल गया है चेहरा, नियत, और इरादा इंसानो का

वक़्त ने कभी नहीं बदला अपना मार्ग तनिक सा भी

बल्कि इंसानो ने बदल लिया स्वयं को

अपनी जरूरतों के अनुसार, और दोषी ठहरा दिया, वक़्त को

वक़्त ने कभी नहीं ओढ़े मुखोटे, 

बल्कि वक़्त ने पढ़ाया पाठ

और मार्ग से भूले - बिसरे लोगों को दिखाया आईना।


भूपेंद्र रावत


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