जब आपसे बड़ा आपका अहं हो जाता है पूरी दुनिया सूक्ष्म और मैं शेष रह जाता है रिश्तों की अहमियत न समझने वाले रिश्ते उनका खोखली इमारत बन ढह जाता हैं
तुम्हारे बाद ये अफसाना याद रहेगा
तुम्हारे संग गुज़ारा हर ज़माना याद रहेगा
लम्हें जो गुज़रेंगे, तुम्हारे जाने के बाद
उनमे तो बस मयखाना याद रहेगा
जब आपसे बड़ा आपका अहं हो जाता है
पूरी दुनिया सूक्ष्म और मैं शेष रह जाता है
रिश्तों की अहमियत न समझने वाले
रिश्ता उनका खोखली इमारत बन ढह जाता हैं


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