Monday, June 9, 2025

कदमो की मदद से लांघा है, पहाड़ों की सबसे

मैंने देखा है, पहाड़ों को

और अपने अदने से 

कदमो की मदद से 

लांघा है, पहाड़ों की सबसे 

ऊंची चोटियों को

धरातल से जुड़े हुए,

घाटी बनाते, तथा ऊबड़-खाबड़

रास्ते भी, नहीं तोड़ पाये 

कभी जज़्बा मेरा

लेकिन, पहाड़ की सबसे ऊंची 

चोंटीयां भी नहीं छू पाई

कभी आसमां  को ,

बल्कि, उन्हें भी छिपना पड़ा

बादलों की ओंट मे

गुजरते वक़्त के साथ 

कमजोर होते पहाड़

झुके, और भूस्खलन के रूप मे

आखिर मिल गए धरातल मे   

      

No comments:

Post a Comment

कहानी :- चींटी की समझदारी की यात्रा

कहानी :- चींटी की समझदारी की यात्रा चींटी अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके दो बच्चे थे, जो रोज़ स्कूल जाते थे। एक दिन बच्चों ने मासूमियत से ...