Thursday, January 30, 2025

ये दर्द है की सब कुछ भूला देता है

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ये  दर्द  है  की  सब  कुछ  भूला  देता  है 
जख्मों  को  भी  सीना  सीखा  देता  है
जो  सीख  ले  जीना  इन  पलों  को 
जिंदगी की राह मे वो तबस्सुम  खिला देता है  


तेरे संग मुझे सहारा मिल जाता है 
जैसे सफीने को किनारा मिल जाता है
तुझसे मिलते ही बंज़र जिंदगी  मे  मेरी 
मानो जैसे  गुलिस्तां  खिल  जाता  है 


 
  

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