अंधेरे की ओट मे, ये जो दीया जलता है
दुनिया को रोशन करने की चाह मे खुद को वो छलता है
नजाने किस भ्रम मे वो रखता है खुद को
जल कर खुद कतरा कतरा पिघलता है
कहानी :- चींटी की समझदारी की यात्रा चींटी अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके दो बच्चे थे, जो रोज़ स्कूल जाते थे। एक दिन बच्चों ने मासूमियत से ...
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