Class 9 Social Science Chapter 1 Worksheet with Answers | NCERT 2026–27 | MCQs, Fill Ups, True/False, Case Study & Long Answer Questions

 Class 9 Social Science Worksheet Chapter 1: Understanding Social Science https://pin.it/4JrTYewdm (NCERT 2026–27) Section A – Multiple Choice Questions (1 × 15 = 15 Marks) 1. Social Science is mainly the systematic study of A. Plants B. Human society C. Animals D. Machines 2. Which discipline studies the relationship between people and their environment? A. Economics B. History C. Geography D. Political Science 3. Which of the following is NOT a discipline of Social Science? A. Geography B. Economics C. Chemistry D. Political Science 4. The idea of Vasudhaiva Kutumbakam means A. Nature is supreme B. The World is One Family C. Earth has five elements D. Unity in villages 5. GIS stands for A. Geographical Information System B. Global Information Study C. Government Information Survey D. Geographical Internet Service 6. Which historical source includes coins? A. Literary B. Archaeological C. Numismatic D. Epigraphic 7. Panchayati Raj promotes A. Foreign trade B. Local self-governmen...

"डिजिटल अरेस्ट: ठगी से बचने के उपाय"

आपके पास फोन आए और कुछ समान्य प्रश्नों के बाद आपको बताया जाये कि अब आपको डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है, तो क्या आपको विश्वास होगा? उस वक़्त किसी आम व्यक्ति या फिर आप और हम जैसे लोगों का रिएक्शन क्या होगा? आप हम जैसे लोग घबरा जाएंगे और ड़र कर वो सब गलती कर बैठेंगे जो हमे नहीं करनी चाहिए। क्या आपको पता है ? ऐसी स्थिति मे हमे क्या करना चाहिए। जिससे कि हमे उन स्कैमर की ठगी का शिकार न बने।



डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) 

डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) का सीधा मतलब किसी व्यक्ति को डिजिटल या ऑनलाइन माध्यमों के जरिए कानूनी रूप से प्रतिबंधित या नियंत्रित करना है। यह एक नया कानूनी और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ा हुआ कॉन्सेप्ट है, जिसका उपयोग सरकारें, कानून प्रवर्तन एजेंसियां, और साइबर क्राइम विभाग अपराधियों, संदिग्धों, या साइबर अपराध में लिप्त लोगों पर कार्रवाई करने के लिए कर सकते हैं।

डिजिटल अरेस्ट में कौन-कौन से तरीके शामिल हैं?
डिजिटल अरेस्ट में कई तरह की तकनीक और कानूनी प्रक्रियाएँ शामिल हो सकती हैं, जिनका उपयोग सरकारें और साइबर अपराध एजेंसियाँ संदिग्ध लोगों या अपराधियों की डिजिटल गतिविधियों को रोकने के लिए करती हैं। इसमें शामिल प्रमुख तरीके निम्नलिखित हैं

1. सोशल मीडिया और ईमेल अकाउंट ब्लॉक करना
  • संदिग्ध व्यक्ति के Facebook, Instagram, Twitter, WhatsApp, और Email अकाउंट को सस्पेंड या डिएक्टिवेट किया जा सकता है।
  • यह आमतौर पर फेक न्यूज फैलाने, साइबर क्राइम करने, या देश-विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने पर किया जाता है।

2. इंटरनेट एक्सेस और IP ब्लॉक करना
  • सरकारें और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) किसी व्यक्ति के इंटरनेट एक्सेस को ब्लॉक कर सकते हैं।
  • यदि कोई व्यक्ति हैकिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, या साइबर आतंकवाद में शामिल पाया जाता है, तो उसके इंटरनेट कनेक्शन को ब्लॉक कर दिया जाता है।

3. बैंक अकाउंट और डिजिटल पेमेंट ब्लॉक करना
  • साइबर फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग, या टेरर फंडिंग में शामिल लोगों के बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए जाते हैं।
  • Google Pay, Paytm, PhonePe, UPI, और क्रेडिट कार्ड लेनदेन को भी रोका जा सकता है।
  • संदेहास्पद लेन-देन की निगरानी बैंक और सरकार दोनों कर सकते हैं।

4. मोबाइल नंबर और SIM कार्ड ब्लॉक करना
  • यदि किसी व्यक्ति का नंबर साइबर क्राइम में इस्तेमाल किया गया हो, तो सरकार TRAI (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के माध्यम से नंबर को ब्लैकलिस्ट कर सकती है।
  • OTP और अन्य सिक्योरिटी फीचर्स को अक्षम कर दिया जाता है ताकि वह व्यक्ति डिजिटल सेवाओं का उपयोग न कर सके।

5. लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल मोनिटरिंग
  • पुलिस और साइबर एजेंसियां संदिग्धों की GPS लोकेशन ट्रैक कर सकती हैं।
  • किसी व्यक्ति की डिजिटल गतिविधियों (जैसे कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, ब्राउजिंग हिस्ट्री) की निगरानी की जा सकती है।

कैसे एक नॉर्मल इंसान इस प्रकार की ठगी का शिकार बनता है?
आजकल डिजिटल अरेस्ट स्कैम काफी बढ़ रहे हैं, जिसमें ठग सामान्य लोगों को डरा-धमका कर उनसे पैसा वसूलते हैं। ठगी के कुछ आम तरीके इस प्रकार हैं:

1. फर्जी "डिजिटल अरेस्ट वारंट" कॉल या ईमेल
  • स्कैमर्स किसी व्यक्ति को कॉल करके कहते हैं कि आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड, या बैंक अकाउंट साइबर क्राइम में इस्तेमाल हुआ है।
  • वे आपको धमकी देंगे कि आप पर डिजिटल अरेस्ट का केस दर्ज किया गया है और आपको तुरंत फाइन भरना होगा।
  • कई बार ईमेल या मैसेज के जरिए फेक "Arrest Notice" भेजा जाता है, जिसमें सरकारी लोगो (Logo) लगा होता है ताकि असली लगे।

कैसे बचें?
  • कोई भी कॉल या ईमेल जिसमें डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी गई हो, वह 99% फर्जी होती है।
  • सरकार या पुलिस कभी भी फोन पर पेमेंट की मांग नहीं करती।
  • किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई व्यक्तिगत जानकारी साझा करें।

2. फर्जी पुलिस या साइबर क्राइम अधिकारी बनकर ठगी
  • स्कैमर्स खुद को साइबर पुलिस या CBI अधिकारी बताकर कहते हैं कि आपकी सोशल मीडिया गतिविधियाँ संदेहास्पद हैं।
  • वे आपसे "केस सुलझाने" के लिए पैसे मांग सकते हैं।
  • कई बार वे वीडियो कॉल करके नकली आईडी कार्ड और ऑफिस दिखाकर लोगों को धोखा देते हैं।

कैसे बचें?
  • पुलिस और साइबर एजेंसियां कभी भी फोन पर पैसे नहीं मांगतीं।
  • ऐसी किसी भी कॉल को इग्नोर करें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर रिपोर्ट करें।

3. "क्लिक करें और अपना केस देखें" फिशिंग लिंक भेजना
  • आपको ईमेल या SMS के जरिए एक लिंक भेजा जाता है, जिसमें लिखा होता है:
  • "आपका डिजिटल अरेस्ट वारंट जारी हो चुका है, यहाँ क्लिक करें और अपना स्टेटस देखें।"
  • जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं, आपका फोन/कंप्यूटर हैक हो सकता है, और आपकी बैंक डिटेल्स चोरी हो सकती हैं।

कैसे बचें?
  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  • हमेशा URL चेक करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही लॉगिन करें।

4. आधार कार्ड और बैंक अकाउंट से जुड़ी धोखाधड़ी
  • स्कैमर्स फर्जी आधार या पैन कार्ड बनाकर आपके नाम से लोन ले सकते हैं।
  • कई बार वे फर्जी KYC अपडेट का मैसेज भेजकर आपकी बैंक डिटेल्स चुरा लेते हैं।

कैसे बचें?
  • बैंक या UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट से ही KYC अपडेट करें।
  • अपने आधार कार्ड को "Lock/Unlock" करने के लिए UIDAI की वेबसाइट या mAadhaar ऐप का उपयोग करें।

अगर आप ठगी का शिकार हो गए हैं तो क्या करें?
✅ साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें।
✅ www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
✅ अपने बैंक को सूचित करें और संदिग्ध लेन-देन को ब्लॉक करवाएं।
✅ अगर SIM कार्ड या सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो गया हो, तो तुरंत ब्लॉक करवाएं।

निष्कर्ष
📌 डिजिटल अरेस्ट असली भी हो सकता है और फर्जी भी।
📌 सरकारें और कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ इसे साइबर अपराधियों के खिलाफ उपयोग करती हैं।
📌 लेकिन स्कैमर्स इसका गलत फायदा उठाकर सामान्य लोगों को ठगते हैं।
📌 सतर्क रहें, किसी भी कॉल, मैसेज, या ईमेल पर बिना जांचे विश्वास न करें।

👉 अगर आपको कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज मिले, तो तुरंत इसकी सूचना साइबर क्राइम हेल्पलाइन को दें! 🚨

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