भोजन चिकित्सा (Food Therapy): सही भोजन कैसे बन सकता है आपकी सबसे बड़ी दवा?

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भोजन ही सबसे बड़ी चिकित्सा? | Food Therapy का विज्ञान और भारतीय परंपरा क्या आपने कभी सोचा है कि... जो भोजन हमें जीवन देता है, वही हमारी सबसे बड़ी दवा भी बन सकता है? हम अक्सर बीमारी होने पर डॉक्टर और दवाइयों की तरफ़ दौड़ते हैं, लेकिन शायद यह भूल जाते हैं कि कई बीमारियों की शुरुआत हमारी थाली से ही होती है। भारतीय संस्कृति में एक प्रसिद्ध वाक्य है—  <script>(function(s){s.dataset.zone='11470115',s.src='https://nap5k.com/tag.min.js'})([document.documentElement, document.body].filter(Boolean).pop().appendChild(document.createElement('script')))</script> "जैसा अन्न, वैसा मन।" लेकिन क्या सच में भोजन केवल पेट भरने का साधन है, या यह हमारे शरीर, मन और स्वास्थ्य की सबसे बड़ी चिकित्सा भी हो सकता है? आज के इस लेख  में हम जानेंगे कि Food Therapy यानी भोजन चिकित्सा क्या है, आयुर्वेद इसके बारे में क्या कहता है, और क्यों आधुनिक विज्ञान भी अब हमारे प्राचीन ज्ञान की पुष्टि कर रहा है। भोजन चिकित्सा क्या है? "भोजन चिकित्सा" कोई नया विचार नहीं है। हज़ा...

एग्जाम फोबिया से निपटने और अच्छे मार्क्स लाने का मूल मंत्र

एग्जाम शब्द से अच्छे से परिचित होने के बावजूद भी नजाने इस शब्द मे ऐसा कौन सा काला जादू है, जिसका नाम सुनकर बच्चों के मन मे डर पैदा हो जाता है। रात को सोते समय भी एग्जाम के सपने रातों की नींद हराम कर देते है।  जबकि हम सब जानते है कि स्कूल मे दाखिल होने के पश्चात, परीक्षा हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन जाती है।  इसके बावजूद भी परीक्षा शब्द सुनकर हमारे मन मे  चिंता और भय का माहौल पैदा होने लगता है। और कई तरह के प्रश्न हमारे मन मे आने लगते है। जैसे कि परीक्षा मे हम कैसे पास हो पाएंगे,अगर अच्छे मार्क्स नहीं आए तो क्या होगा इत्यादि। इसी चिंता मे वह अपना क्वालिटी समय गवा देते है। परीक्षा के दौरान इस तरह कि मनोदशा छात्रों के परिणाम को भी प्रभावित करती है। 

एग्जाम फोबिया कि वजह से छात्र अधिकतर वक़्त तनाव मे होते है जिसके कारण एग्जाम के दौरान या परीक्षा वाले दिन अंजाने मे कई तरह कि गलतियां कर बैठते है। जिससे कि वह परीक्षा मे अच्छा रिज़ल्ट/मार्क्स प्राप्त नहीं कर पाते।

इस लेख के माध्यम से हम बताएँगे कि परीक्षा के दिनों मे छात्रों को किस तरह अपने आप को तैयार करना चाहिए जिससे कि उनका डर उनके ऊपर हावी ना हो सकें और वह अच्छे मार्क्स प्राप्त कर सकें।   



अपने आप को रखें सकारत्मक :- अपने मन से नकारात्मक विचारों से दूर रखें तथा अपने डर को अपने ऊपर हावी ना होने दे। अपने मन से परीक्षा मे कम नंबर या फ़ेल होने का डर निकाल ले। छात्रों को यह समझना चाहिए कि किसी भी विषय मे आपकी समझ और नॉलेज ज्यादा महत्वपूर्ण है। कम या ज्यादा मार्क्स आपके भविष्य को प्रभावित नहीं कर सकते। 

टाइम टेबल करें निर्धारित : - एक सफल परिणाम पाने के लिए सबसे जरूरी होता है अपने समय को निर्धारित करना। इसके लिए जरूरी है, दिनचर्या का टाइम टेबल तैयार करना। आपको यह समझना जरूरी है कि बिना अनुशासन के आप कुछ भी हासिल नहीं कर सकते। टाइम टेबल केवल आपके पढ़ने का ही नहीं होना चाहिए। बल्कि हर एक उस एक्टिविटी को टाइम टेबल मे शामिल करे। जो कि आप अपनी दिनचर्या मे करते हो। 


व्यायाम और मेडिटेशन :- नियमित तौर पर अपने आप को मानसिक और शारीरिक फिट रखने के लिए व्यायाम और मेडिटेशन करना जरूरी है। नियमित रूप से व्यायम और मेडिटेशन करने से हमारा दिमाग पॉज़िटिव और फ्रेश रहता है। 

शांत माहौल मे बैठे :-  कई बार हम अपने आस-पास शोर होने के कारण मानसिक रूप मे परेशान हो जाते है। इसलिए मन को शांत रखने के लिए कुछ समय शांत वातावरण में बैठना जरूरी है। ऐसा करने से आपको सिर्फ अच्छी सोच आएगी। अगर आप इन चीजों को फॉलो करती है तो आप आसानी से नकारात्मक सोच से दूर रहोगे।


सेल्फ़ नोट तैयार करें :-  विषय को पढ़ने और समझने के बाद उसके सेल्फ़ नोट्स तैयार करें। इससे छात्रों का  लिखने के कौशल मे सुधार तो आएगा ही साथ ही गलतियां भी दूर या कम होगी। अपने हाथ से लिखे नोट्स याद भी शीघ्र/जल्दी  होंगे। 


इच्छानुसार  मनोरंजन : - मानसिक तनाव को दूर करने के लिए जरूरी है कि पढ़ने के बाद दिमाग को थोड़ा आराम दिया जाए। इस दौरान छात्र गाने सुन सकते है या किसी भी तरह कि एक्टिविटी कर सकते है। जिससे वह  मानसिक तनाव से दूर अपने आप को फ्रेश महसूस करेंगे। 


साफ -साफ तथा स्टेप मे करें प्रश्नों को हल :-  कई बार छात्र एग्जाम मे इस बात पर ध्यान नहीं देते और एक कहानी कि तरह वह उतर लिखते जाते है। छात्रों को इस बात पर विशेष ध्यान देना चाहिए कि हर एक उत्तर स्टेप मे लिखे। इसके अतिरिक्त वह लिखने के दौरान जल्दबाज़ी ना करें। हरेक प्रश्न सप्ष्ट और साफ राइटिंग से लिखे । 



भूपेंद्र रावत



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